Ask Question | login | Register
Notes
Question
Quiz
Tricks
Facts

21 July 2021

चीन में मंकी बी वायरस का पहला मामला सामने आया

हाल ही में चीन में मंकी बी वायरस (Monkey B virus) से मानव के संक्रमित होने का पहला मामला सामने आया है। मंकी बी वायरस मैकाक बंदरों में पाया जाने वाला अल्फाहर्पीसवायरस एनज़ूटिक (Alphaherpesvirus Enzootic) यानी यह मूल रूप से इनमें पाया जाता है और सर्वप्रथम इसकी पहचान वर्ष 1932 में की गई थी। अल्फाहर्पीसवायरस रोगजनक या न्यूरोइनवेसिव वायरस हैं जो मनुष्यों और अन्य कशेरुकियों के परिधीय तंत्रिका तंत्र (Nervous System) को संक्रमित करते हैं। बी वायरस को आमतौर पर हर्पीज बी (Herpes B), हर्पीसवायरस सिमिया (Herpesvirus Simiae) और हर्पीसवायरस बी (Herpesvirus B) के रूप में भी जाना जाता है। बी वायरस सतह (खासकर नम सतह) पर घंटों तक जीवित रह सकता है। इंसानों में यह वायरस मैकाक बंदरों के काटने, खरोंचने या संक्रमित बंदर की लार, मल-मूत्र आदि के संपर्क में आने से भी फैलता है और इसके संक्रमण के कारण होने वाली वाली मृत्यु दर 70% से 80% है।

राजस्थान सरकार ने मुख्यमंत्री किसान मित्र ऊर्जा योजना को मंज़ूरी दी

हाल ही में राजस्थान सरकार ने ‘मुख्यमंत्री किसान मित्र ऊर्जा योजना’ के मसौदे को मंज़ूरी दे दी है। इस योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा मीटर का प्रयोग करने वाले कृषि उपभोक्ताओं को बिजली बिलों पर प्रतिमाह 1,000 रुपए और एक वर्ष में अधिकतम 12,000 रुपए प्रदान किये जाएंगे। इस संबंध में राज्य सरकार द्वारा जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, इस योजना के परिणामस्वरूप राज्य सरकार पर प्रतिवर्ष 1,450 करोड़ रुपए का वित्तीय बोझ पड़ेगा। इस व्यवस्था के तहत बिजली वितरण कंपनियों द्वारा द्विमासिक आधार पर बिजली बिल जारी किये जाएंगे। वहीं केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारी तथा अन्य आयकरदाता सब्सिडी हेतु पात्र नहीं होंगे। पात्र उपभोक्ताओं को योजना के साथ अपना आधार नंबर व बैंक खाता लिंक कराना होगा, जिसके पश्चात् वे इसका लाभ प्राप्त कर सकेंगे। योजना के तहत अनुदान राशि केवल तभी प्रदान की जाएगी, जब उपभोक्ताओं द्वारा सभी प्रकार की बकाया राशि का भुगतान कर दिया जाएगा। बकाया राशि का भुगतान करने के बाद ही उपभोक्ता को आगामी बिजली बिल पर सब्सिडी राशि देय होगी। राजस्थान के मुख्यमंत्री द्वारा इस योजना की घोषणा वित्तीय वर्ष 2021-22 के बजट के दौरान की गई थी। इस योजना हेतु ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण किया जा सकता है।

सीमा नंदा

संयुक्त राज्य अमेरिका की सीनेट ने भारतीय मूल की अमेरिकी नागरिक सीमा नंदा की नियुक्ति श्रम विभाग के सॉलिसिटर के रूप में की है। डेमोक्रेटिक नेशनल कमेटी की पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी सीमा नंदा ने ओबामा प्रशासन के दौरान भी श्रम विभाग में काम किया था। सीमा नंदा ने ओबामा-बाइडेन प्रशासन में अमेरिकी श्रम विभाग में चीफ ऑफ स्टाफ, डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ और डिप्टी सॉलिसिटर के रूप में कार्य किया। इससे पूर्व उन्होंने श्रम एवं रोज़गार अधिवक्ता के तौर पर विभिन्न भूमिकाओं में 15 वर्ष से अधिक समय तक सरकारी विभागों में कार्य किया था। सीमा नंदा वर्तमान में हार्वर्ड लॉ स्कूल के लेबर एंड वर्कलाइफ प्रोग्राम में फेलो हैं। वह कनेक्टिकट (अमेरिका) में पली-बढ़ी और ब्राउन यूनिवर्सिटी तथा बोस्टन कॉलेज लॉ स्कूल से उन्होंने स्नातक की डिग्री प्राप्त की। वह मैसाचुसेट्स बार एसोसिएशन की सदस्य भी हैं। इसके अतिरिक्त वह कई गैर-लाभकारी संगठनों के निदेशक मंडल का हिस्सा रही हैं। गौरतलब है कि मौजूदा अमेरिकी प्रशासन में कई भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिकों को महत्त्वपूर्ण पदों पर नियुक्त किया गया था, जिसमें सबसे प्रमुख उदाहरण अमेरिका की मौजूदा उपराष्ट्रपति कमला हैरिस हैं।

उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रिक बसों का परीक्षण शुरू

उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदूषण मुक्त सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाते हुए राजधानी लखनऊ में इलेक्ट्रिक बसों का परीक्षण शुरू किया। बहुत जल्द राज्य के 14 शहरों में ये बसें चलने लगेंगी। परीक्षण के दौरान प्रतिदिन चार बसें लगभग 180 किलोमीटर तक चलेंगी। सफल परीक्षण के बाद 700 बसें चलनी शुरू हो जायेंगी। इन एसी लग्जरी बसों में आरामदायक सीटें हैं। इनमें सुरक्षा के लिए जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम और सीसीटीवी की व्‍यवस्‍था है। इन बसों में पैनिक बटन और ऑटोमैटिक दरवाजे लगे हैं। इन बसों का किराया अन्य बसों के समान होगा। ये एक बार चार्ज करने के बाद 45 मिनट में 120 किलोमीटर तक चल सकती हैं। इन बसों की चार्जिंग के लिए लखनऊ में 5 चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। राज्य सरकार केंद्र सरकार के सहयोग से 14 शहरों में इलेक्ट्रिक बसें चलाने की यह परियोजना लागू कर रही है। केंद्र सरकार के वित्‍तपोषण से 600 बसें लखनऊ, कानपुर, आगरा, प्रयागराज, वाराणसी, गाजियाबाद, मेरठ, झांसी, अलीगढ़, मुरादाबाद और बरेली में चलेंगी। मथुरा, वृंदावन, गोरखपुर और शाहजहांपुर में बसें चलाने के लिए राज्य सरकार धन देगी। योजना का कुल बजट लगभग 965 करोड़ रुपये है जबकि बस ऑपरेटर को 45 लाख रुपये प्रति बस की सब्सिडी दी जाएगी।

प्रसार भारती और आई.आई.टी. कानपुर, नेक्स्ट जेन प्रसारण प्रौद्योगिकी उत्कृष्टता केन्द्र स्थापित करने में मिलकर कार्य करेंगे

प्रसार भारती और आई.आई.टी. कानपुर, मीडिया और प्रसारण के क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत के लिए नेक्स्ट जेन प्रसारण प्रौद्योगिकी उत्कृष्टता केन्द्र स्थापित करने में मिलकर कार्य करेंगे। आई.आई.टी. कानपुर और प्रसार भारती के बीच इससे संबंधित समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद आई.आई.टी. कानपुर में मीडिया और प्रसारण प्रौद्योगिकी उत्कृष्टता केन्द्र स्थापित किया जाएगा। सहयोग समझौते के बाद उत्कृष्टता केन्द्र के सौजन्य से तीन क्षेत्रों की पहचान की गई है। ये क्षेत्र हैं - डायरेक्ट टू मोबाइल ब्रॉडकास्टिंग एंड कनवर्जेंस विद 5जी स्टैंडर्ड, आर्टीफिशियल इन्टेलिजेंस और एडवांस्ड एल्गोरिद्म फॉर ऑडियो विजुअल मीडिया। प्रसार भारती और आई.आई.टी. कानपुर 5जी के वैश्विक मानकों के साथ प्रौद्योगिकियों को जोड़ने के उद्देश्य से मोबाइल प्रसारण क्षमता में विकास की संभावना की तलाश करेंगे।

आईआईटी, रोपड़ ने अपनी तरह की पहली ऑक्सीजन राशनिंग डिवाइस-AMLEX विकसित की

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रोपड़ ने चिकित्‍सा ऑक्सीजन सिलेंडर की उपयोग क्षमता तीन गुना बढ़ाने के लिए AMLEX नामक उपकरण विकसित किया है। अपनी तरह का पहला ऑक्सीजन राशनिंग उपकरण विकसित किया है। यह उपकरण यात्रा के दौरान रोगी को आवश्यक मात्रा में ऑक्सीजन की आपूर्ति करता है। शिक्षा मंत्रालय ने कहा है कि इस प्रक्रिया से ऑक्सीजन की बचत होगी और बर्बादी को रोका जा सकेगा।

भारत बना दुनिया का 5वां सबसे बड़ा विदेशी मुद्रा भंडार वाला देश

25 जून, 2021 को भारत 608.99 अरब $ के साथ दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा विदेशी मुद्रा भंडार वाला देश बन गया था। इस पर 20वीं लोकसभा में राज्य वित्त मंत्री पंकज चौधरी द्वारा उल्लेख किया गया है। भारत का भुगतान संतुलन (balance of payments) वर्ष 2020-21 में पूंजी और चालू खातों दोनों में अधिशेष हो गया है, जिसने बड़े पैमाने पर देश के विदेशी मुद्रा भंडार में लाभ में योगदान दिया। भारत का वर्तमान विदेशी मुद्रा भंडार अप्रत्याशित बाहरी झटकों के खिलाफ एक बफर प्रदान करने और 18 महीने से अधिक के लिए आयात को कवर करने के लिए पर्याप्त है। भारतीय रिजर्व बैंक नियमित रूप से विदेशी मुद्रा स्वैप और रेपो बाजारों में परिचालन बढ़ाकर, नए बाजारों या उत्पादों की खोज और सोने की खरीद करके देश के मुद्रा भंडार में विविधता लाने के लिए विभिन्न उपाय करता है। यह सब तरलता और सुरक्षा मानदंडों का पालन करते हुए किया जाता है।

भारत ने आर्थिक और व्यापार मुद्दों पर ब्रिक्स संपर्क समूह की अध्यक्षता की

12 से 14 जुलाई, 2021 तक आर्थिक और व्यापार मुद्दों पर संपर्क समूह (Contact Group on Economic and Trade Issues – CGETI) पर ब्रिक्स की बैठक आयोजित की गई। इस तीन दिवसीय CGETI बैठक के दौरान, ब्रिक्स सदस्यों ने भारत के प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया। ये प्रस्ताव मुख्य रूप से इंट्रा-ब्रिक्स व्यापार को बढ़ाने और मजबूत करने के लिए थे। भारत द्वारा रखे गए प्रस्ताव -

  • बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली के संबंध में ब्रिक्स का सहयोग।
  • ई-कॉमर्स में उपभोक्ता संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए एक फ्रेमवर्क।
  • SPS/TBT उपायों के लिए, गैर-टैरिफ उपाय समाधान तंत्र।
  • व्यावसायिक सेवाओं में सहयोग के संबंध में ब्रिक्स का एक फ्रेमवर्क।

‘भारतीय श्रम सम्मेलन’ (ILC) आयोजित करने का आह्वान

हाल ही में ‘भारतीय मज़दूर संघ’ ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर ‘भारतीय श्रम सम्मेलन’ (ILC) आयोजित करने का आह्वान किया है। ‘भारतीय मज़दूर संघ’ का तर्क है कि चूँकि भारतीय संसद ने अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के कन्वेंशन नंबर 144 की पुष्टि की है, अतः इस त्रिपक्षीय तंत्र को मज़बूत करने हेतु ‘भारतीय श्रम सम्मेलन’ का आयोजन करना भारत सरकार का कानूनी दायित्व है। अंतर्राष्ट्रीय श्रम सम्मेलन’ की तर्ज़ पर आयोजित ‘भारतीय श्रम सम्मेलन’ को देश की 'श्रम संसद' के रूप में भी जाना जाता है, यह श्रम एवं रोज़गार मंत्रालय में शीर्ष स्तर की त्रिपक्षीय (सरकार, नियोक्ता और श्रमिक) सलाहकार समिति है। अंतर्राष्ट्रीय श्रम सम्मेलन, जिसे अंतर्राष्ट्रीय श्रम संसद के रूप में भी जाना जाता है, को प्रतिवर्ष ‘अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन’ द्वारा आयोजित किया जाता है।

पेड्रो कैस्टिलो होंगे पेरू के नए राष्ट्रपति

पेड्रो कैस्टिलो (Pedro Castillo) को पेरू के नए राष्ट्रपति के रूप में घोषित किया गया है, चुनाव में कैस्टिलो के दक्षिणपंथी प्रतिद्वंद्वी केलिको फुजीमोरी (Keliko Fujimori) ने चुनावी धोखाधड़ी का आरोप लगाया था। आधिकारिक गिनती सोमवार को जारी की गई जिसमें कैस्टिलो ने फुजीमोरी को हराया। अपनी हार के बाद फुजीमोरी को अब भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना करना पड़ रहा है।

महाराष्ट्र ब्लॉकचैन प्रौद्योगिकी का उपयोग कर प्रमाण पत्र जारी करेगा

महाराष्ट्र देश का पहला राज्य होगा जो ब्लॉकचेन (blockchain) तकनीक का उपयोग करके शैक्षिक दस्तावेज जारी करेगा। विभिन्न शैक्षणिक और अन्य संस्थानों में दस्तावेजों की जालसाजी एक गंभीर चिंता का विषय है। दस्तावेजों के सत्यापन के साथ जालसाजी से बचने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। महाराष्ट्र राज्य कौशल विकास बोर्ड (Maharashtra State Board of Skill Development) ने छात्रों को ब्लॉकचेन-आधारित प्रमाणपत्र जारी करने का निर्णय लिया है।

भारतीय वायुसेना के सारंग हेलिकॉप्‍टरों का दस्‍ता, रूस के माक्‍स इंटरनेशनल एयर शो में पहली बार भाग ले रहा है

भारतीय वायुसेना के सारंग हेलिकॉप्‍टरों का दस्‍ता, रूस के माक्‍स इंटरनेशनल एयर शो में पहली बार भाग ले रहा है। बीस से पच्‍चीस जुलाई तक चलने वाला यह एयर शो जुकोवस्‍की अंतर्राष्‍ट्रीय हवाई अडडे पर आयोजित किया जा रहा है। यह पहली बार है जब सारंग हेलिकॉप्‍टर रूस में आयोजित किसी एयर शो में भाग ले रहे हैं। एयर शो के दौरान सारंग हेलिकॉप्‍टर दस्‍ते में शामिल स्‍वदेश निर्मित चार ध्रुव एडवांस लाइट हेलिकॉप्‍टर अपने करतब दिखाएंगे।

आई सी एम आर के सीरो सर्वे के अनुसार देश की दो-तिहाई आबादी में कोविड एंटीबॉडी पायी गई

सरकार ने कहा है कि देश की लगभग 40 करोड जनसंख्‍या अब भी कोविड से असुरक्षित है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव ने बताया कि चौथे चरण का राष्‍ट्रीय सीरो-सर्वेक्षण 70 जिलों में जून-जुलाई में कराया गया था। यह सर्वेक्षण 28 हजार से अधिक लोगों के अलावा, सात हजार से अधिक स्‍वास्‍थ्‍यकर्मियों पर किया गया। यह सीरो-सर्वेक्षण पिछले तीन चरण के सर्वेक्षण से कुछ अलग था। चौथे चरण के इस सर्वेक्षण में 6 से 17 वर्ष के बच्‍चों को शामिल किया गया। सर्वेक्षण में पाया गया कि देश की 67 प्रतिशत से अधिक आबादी में एंटीबॉडी पाई गई है। टीका नहीं लगवाने वाले 62 प्रतिशत से अधिक, टीके की एक डोज लेने वाले 81 प्रतिशत से अधिक और टीके की दोनों डोज लेने वाले 89 प्रतिशत से अधिक लोगों में एंटीबॉडी पाई गई है। सामान्‍य जनसंख्‍या के दो-तिहाई लोगों में एंटीबॉडी पाई गई है। उन्‍होंने बताया कि 6 से 17 वर्ष तक की आयु के आधे से अधिक बच्‍चों में एंटीबॉडी पाई गई है।

अप्रैल-जून तिमाही 2020 में शहरी बेरोजगारी दर 20.8% रही

19 जुलाई, 2021 को श्रम मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा है कि अप्रैल-जून 2020 की तिमाही में शहरी भारत में 20.8% की बेरोजगारी दर देखी गई। इस अवधि में कोविड-19 की पहली लहर के प्रसार को रोकने के लिए लॉकडाउन लागू किया गया था। देश में शहरी बेरोजगारी अप्रैल-जून 2020 तिमाही में 20.8% के उच्च स्तर पर पहुंच गई थी, खासकर जब से देश दो महीने के कठोर लॉकडाउन के अधीन था। आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (Periodic Labour Force Surve) की तिमाही बुलेटिन के अनुसार जुलाई-सितंबर 2019, अक्टूबर-दिसंबर 2019, जनवरी-मार्च 2020 और अप्रैल-जून 2020 को समाप्त होने वाली तिमाहियों के लिए तिमाही बेरोजगारी दर क्रमशः 8.3%, 7.8%, 9.1% और 20.8% थी। उन्होंने यह भी उल्लेख किया है कि देश के पूर्ण रोजगार या बेरोजगारी की स्थिति का आकलन केवल शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों को कवर करने वाले पूरे वर्ष के सर्वेक्षण के आंकड़ों से ही किया जा सकता है। वार्षिक Periodic Labour Force Surve डेटा वर्ष 2018-19 तक उपलब्ध है। उस परिणाम के अनुसार, 2017-18 और 2018-19 के दौरान देश में बेरोजगारी दर क्रमशः 6.0% और 5.8% थी। उन्होंने यह भी कहा है कि सरकार ने आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना जैसी योजनाओं के कार्यान्वयन के माध्यम से भारत में नौकरियों को बढ़ावा देने के लिए कई पहल की हैं।

भारत में स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली में अत्यधिक असमानता है : ऑक्सफैम रिपोर्ट

हाल ही में ऑक्सफैम की रिपोर्ट ‘Inequality Report 2021: India’s Unequal Healthcare Story’ जारी की गई। यह रिपोर्ट इस बात पर प्रकाश डालती है कि कैसे सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणालियों पर कम खर्च करते हुए निजी स्वास्थ्य सेवा का समर्थन करने पर भारत के ध्यान ने स्वास्थ्य सेवा तक पहुँचने में असमानताओं को जन्म दिया है। जो राज्य स्वास्थ्य पर अधिक खर्च के साथ मौजूदा स्वास्थ्य असमानताओं को कम करने का प्रयास कर रहे हैं, उनमें अन्य राज्यों की तुलना में कोविड-19 के कम पुष्ट मामले थे। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों में, जो पिछले कुछ वर्षों से असमानताओं को कम कर रहे हैं, विशेष रूप से सामान्य वर्ग और एससी और एसटी आबादी के बीच स्वास्थ्य संबंधी असमानताओं में, COVID-19 के पुष्ट मामले कम हैं। दूसरी ओर असम, बिहार और गोवा जैसे राज्यों में, जहां स्वास्थ्य पर सकल घरेलू उत्पाद का खर्च अधिक है, वहां कोविड की रिकवरी दर अधिक है। ऑक्सफैम रिपोर्ट ने केरल राज्य को COVID-19 महामारी से निपटने में एक सफलता की कहानी के रूप में चिह्नित किया है। शहरी आबादी ने ग्रामीण आबादी की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया, जिसे विभिन्न स्वास्थ्य संकेतकों पर मापा गया है। 2004 और 2017 के बीच प्रति अस्पताल में भर्ती होने के मामले में चिकित्सा व्यय तीन गुना हो गया है जिससे गरीब और ग्रामीण परिवारों के लिए यह बहुत मुश्किल हो गया है।शहरी परिवार अपनी बचत पर निर्भर थे जबकि ग्रामीण परिवार ज्यादातर उधार पर निर्भर थे। देश के एक तिहाई से भी कम परिवार सरकार की बीमा योजना से कवर किये हैं। भारत में 64.2 का आउट-ऑफ-पॉकेट स्वास्थ्य व्यय विश्व औसत से अधिक है जो 18.2% है। स्वास्थ्य देखभाल की अत्यधिक कीमतों ने कई लोगों को कर्ज और अपनी संपत्ति के लिए मजबूर किया है। भिन्न सामाजिक श्रेणियों के बीच साक्षरता दर भी उनकी स्वास्थ्य देखभाल की पहुंच को प्रभावित करती है। यद्यपि बाल टीकाकरण में सुधार हुआ है, फिर भी लड़कियों के टीकाकरण की दर लड़कों की तुलना में कम है। शहरी क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों की ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में टीकाकरण की बेहतर पहुंच है। देश में आय समूहों के बीच बाल टीकाकरण में भी असमानता है।

ADB ने भारत के आर्थिक विकास अनुमान को घटाकर 10% किया

एशियाई विकास बैंक (Asian Development Bank) ने चालू वित्त वर्ष के लिए भारत के आर्थिक विकास के अनुमान को 11% से घटाकर 10% कर दिया है। यह डाउनग्रेड कोरोनावायरस महामारी की दूसरी लहर के प्रतिकूल प्रभाव को ध्यान में रखते हुए किया गया है। मार्च 2021 में समाप्त हुए वित्तीय वर्ष की अंतिम तिमाही में, भारत की जीडीपी वृद्धि 6% हो गई थी। महामारी की दूसरी लहर ने कई राज्य सरकारों को सख्त रोकथाम उपायों को लागू करने के लिए प्रेरित किया, इसलिए वित्त वर्ष 2021-2 के लिए विकास अनुमान को पहले के अनुमानित 11% से 10% तक घटा दिया गया है। वित्त वर्ष 2022-23 के लिए अनुमान को 7% से बढ़ाकर 5% कर दिया गया है क्योंकि उस समय तक अधिकांश आबादी का टीकाकरण हो जाएगा और आर्थिक गतिविधियाँ सामान्य हो जाएँगी।

सरकार ने राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स उत्कृष्टता पुरस्कारों के लांच की घोषणा की

लॉजिस्टिक्स क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करने के लिए, भारत सरकार ने नेशनल लॉजिस्टिक्स एक्सीलेंस अवार्ड्स (National Logistics Excellence Awards) नामक पुरस्कारों की एक नई श्रेणी शुरू करने की घोषणा की। यह नया लॉन्च किया गया पुरस्कार देश में लॉजिस्टिक्स आपूर्ति श्रृंखला (logistics supply chain) में शामिल विभिन्न फर्मों को उचित पहचान प्रदान करेगा। इन पुरस्कारों को दो श्रेणियों में बांटा गया है। पहली श्रेणी में सर्विस प्रोवाइडर और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं और दूसरी श्रेणी में विभिन्न यूजर इंडस्ट्रीज को सम्मानित किया जाएगा। नेशनल लॉजिस्टिक्स एक्सीलेंस अवार्ड्स का लांच सर्वोत्तम प्रथाओं को उजागर करेगा जिसमें लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में प्रक्रिया मानकीकरण, समेकन, डिजिटल परिवर्तन, तकनीकी उन्नयन और सतत अभ्यास शामिल हैं। इन पुरस्कारों के माध्यम से, सरकार का लक्ष्य उन लॉजिस्टिक्स सेवा प्रदाताओं पर ध्यान केंद्रित करना है, जिन्होंने कई अन्य उपलब्धियों के बीच अपनाए गए डिजिटलीकरण और प्रौद्योगिकी, परिचालन उत्कृष्टता, सतत प्रथाओं का पालन किया और ग्राहक सेवा में सुधार किया है।

तेल मंत्रालय ने नई कंपनियों को भारत में ऑटोमोबाइल ईंधन बेचने के लिए मंज़ूरी दी

भारत के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने देश में ऑटो ईंधन की बिक्री के लिए सात कंपनियों को मंज़ूरी दी गयी है। ये नई स्वीकृतियां परिवहन ईंधन के विपणन के लिए प्राधिकरण के लिए आसान दिशानिर्देशों के तहत आती हैं जिन्हें वर्ष 2019 में संशोधित किया गया था। इन मानदंडों के तहत रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) को मंज़ूरी दी गयी है। RBML Solutions India को भी मंज़ूरी दी गयी है। तेल टर्मिनलों में विशेषज्ञता रखने वाली चेन्नई बेस्ड IMC को भी ऑटो ईंधन बेचने की मंजूरी मिली है। असम सरकार के उपक्रम, असम गैस कंपनी को भी ईंधन खुदरा बिक्री के लिए मंत्रालय से मंजूरी मिल गई है। ऑनसाइट एनर्जी जिसे वर्ष 2020 में गठित किया गया था, उसे भी ऑटोमोबाइल ईंधन बेचने का अधिकार मिला है। नए नियमों के तहत मानस एग्रो इंडस्ट्रीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर और एम.के. एग्रोटेक को भी फ्यूल रिटेलिंग ऑथराइजेशन मिला है।

‘2020 India Lightning Report’ जारी की गयी

2019 की तुलना में पिछले साल भारत में आसमानी बिजली गिरने में 22.6% की वृद्धि हुई थी। इसका खुलासा अर्थ नेटवर्क्स के ‘2020 India Lightning Report’ में किया गया है। तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और कर्नाटक में सबसे अधिक आसमानी बिजली की घटनाएँ हुई। कंपनी के Total Lightning Network द्वारा पिछले साल भारत में 39.5 मिलियन से अधिक पल्सेस का पता लगाया गया था। इनमें से 12,022,402 खतरनाक क्लाउड-टू-ग्राउंड स्ट्राइक्स थीं। भारत में, 7,447 खतरनाक आंधी अलर्ट जारी किए गए थे और उनमें से अधिकांश तमिलनाडु राज्य में थे। वर्ष 2020 में, भारत में मानसून के मौसम के कारण मई, जून और सितंबर के महीनों में बिजली की सबसे अधिक सांद्रता देखी गई। इस रिपोर्ट के अनुसार, बिजली गिरने और भीषण मौसम के खतरे भारत की आबादी के लिए एक बड़ा खतरा हैं। भूमध्य रेखा और हिंद महासागर से देश की निकटता के कारण, भारत अत्यधिक मात्रा में नमी और गर्मी का अनुभव करता है जो पूरे दक्षिण एशियाई क्षेत्र में अचानक और तेज आंधी में योगदान देता है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो द्वारा किए गए एक अध्ययन में कहा गया है कि वर्ष 2001 से भारत में हर साल 2,360 लोग बिजली गिरने से मरते हैं।

‘अगर’ (Agar) की व्यावसायिक खेती को बढ़ावा देगा त्रिपुरा

त्रिपुरा सरकार ने ‘अगरपेड़ों (agar trees) की व्यावसायिक खेती को बढ़ावा देने के लिए पहल शुरू की है और आने वाले तीन वर्षों में इस क्षेत्र से 2,000 करोड़ रुपये का कारोबार हासिल करने का लक्ष्य रखा है। त्रिपुरा सरकार ने वर्ष 2021-22 में 1,500 किलोग्राम अगर तेल (Agar Oil) और 75,000 किलोग्राम अगर चिप्स (Agar Chips) निर्यात करने की योजना बनाई है। मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब (Biplab Kumar Deb) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी और उन्हें आगर के पेड़ों की क्षमता से अवगत कराया। त्रिपुरा सरकार ने त्रिपुरा अगर लकड़ी नीति 2021 ( Tripura Agar Wood Policy 2021) नाम का एक ड्राफ्ट लांच किया है और वर्ष 2025 तक वृक्षारोपण को दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में, राज्य में 50 लाख से अधिक ‘अगर’ पेड़ हैं। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री ने भी पीएम मोदी से अगरवुड निर्यात और उसके उत्पादों पर कोटा तय करने का अनुरोध किया है।

FSSAI ने स्वामित्व वाले खाद्य पदार्थों के लिए सशर्त लाइसेंसिंग का प्रस्ताव रखा

भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा स्वामित्व वाले खाद्य उत्पादों (proprietary foods) के लिए एक सशर्त लाइसेंसिंग ढांचा प्रस्तावित किया गया है। वे उत्पाद जिनके लिए किसी मौजूदा विनियमों के तहत कोई पहचान मानक निर्धारित नहीं किए गए हैं, लेकिन आम तौर पर अनुमत सामग्री (permitted ingredients) और योजक (additives) का उपयोग करके निर्मित किए जाते हैं, उन्हें स्वामित्व वाले खाद्य उत्पादों (proprietary foods) कहा जाता है। FSSAI ने कहा कि ऐसे उदाहरण सामने आए हैं जहां खाद्य निर्माता स्वामित्व वाले खाद्य उत्पादों (proprietary foods) के लिए लाइसेंस के लिए आवेदन करते हैं जो उन उत्पादों से मिलते-जुलते हैं जिनके लिए निर्धारित मानक हैं। FSSAI की सशर्त लाइसेंसिंग की अवधारणा ऐसे उत्पादों के बाजार में प्रवेश की जांच करेगी जहां मानकीकृत खाद्य उत्पादों (standardized food products) के अनुपालन से बचने के लिए उत्पाद की संरचना में मामूली बदलाव किया जाता है।

विवाद से विश्वास योजना के तहत 1.32 लाख घोषणापत्र दाखिल किये गये

19 जुलाई, 2021 को संसद में यह बताया गया कि ‘विवाद से विश्वासयोजना के तहत 99,765 करोड़ रुपये के 1.32 से अधिक लाख घोषणापत्र दायर किये गये हैं। ‘विवाद से विश्वास’ योजना के तहत प्राप्त घोषणापत्र देश में कुल लंबित प्रत्यक्ष कर विवादों का लगभग 73% कवर करते हैं। पात्रता की तिथि के अनुसार, लंबित कर विवादों की कुल संख्या 5,10,491 थी। 31 मार्च, 2021 इस योजना के तहत घोषणा की अंतिम तिथि थी। विवाद से विश्वास योजना के तहत सरकार ने करदाताओं के साथ प्रत्यक्ष कर विवादों की एक बड़ी संख्या को सौहार्दपूर्ण ढंग से हल किया है। करदाताओं के पास 31 अक्टूबर तक भुगतान करने का विकल्प भी है, लेकिन उन पर अतिरिक्त ब्याज लगाया जाएगा।

विश्वनाथन आनंद ने जीती स्पार्कसन ट्रॉफी

डोर्टमंड (Dortmund) में विश्वनाथन आनंद (Viswanathan Anand) ने व्लादिमीर क्रैमनिक (Vladimir Kramnik) को हराकर स्पार्कसन ट्रॉफी (Sparkassen Trophy) जीती। आनंद को नो-कास्टलिंग शतरंज (No-Castling Chess) स्पर्धा के अंतिम गेम में केवल ड्रॉ की जरूरत थी, और उन्होंने इसे 40 चालों में हासिल किया।

अंतर्राष्ट्रीय शतरंज दिवस: 20 जुलाई

20 जुलाई को 1966 से प्रतिवर्ष अंतर्राष्ट्रीय शतरंज दिवस (International Chess Day) मनाया जाता है, इतिहास में सबसे प्राचीन और सबसे लोकप्रिय खेलों में से एक को मनाने के लिए जो राष्ट्रों के बीच निष्पक्षता, समानता, आपसी सम्मान और समझ को बढ़ावा देता है। इसी दिन 1924 में इंटरनेशनल चेस फेडरेशन (FIDE) की स्थापना हुई थी। इस दिन को अंतर्राष्ट्रीय शतरंज दिवस के रूप में मनाने का विचार यूनेस्को (UNESCO) द्वारा प्रस्तावित किया गया था। यह दिन 178 देशों में मनाया गया है, और 2019 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा आधिकारिक तौर पर इसे मान्यता देने वाले एक प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए गए थे।

मून लैंडिंग डे

20 जुलाई मून लैंडिंग डे(विज्ञान अन्वेषण दिवस) मनाया जाता है। 20 जुलाई, 1969 को मनुष्‍य ने चंद्रमा पर पहली बार कदम रखे थे। कमांडर नील आर्मस्‍ट्रोंग, बज़ आल्ड्रिन और माइकल कोलिंस अपोलो - 11 से चंद्रमा पर गए थे। 20 जुलाई के दिन 52 वर्ष पहले आल्ड्रिन और आर्मस्‍ट्रोंग ने चंद्रमा की सतह पर कदम रखे थे। इन दोनों ने चंद्रमा की सतह पर 12 घंटे से अधिक समय बिताया था। चंद्रमा पर मनुष्‍य के पहले कदम की वर्षगांठ के सम्‍मान में तत्‍कालीन अमरीकी राष्‍ट्रपति रिचर्ड निकसन ने 1971 में हर वर्ष इस दिन को राष्‍ट्रीय चंद्रमा दिवस मनाने की घोषणा की थी।

Start Quiz! PRINT PDF

« Previous Next Affairs »

Notes

Notes on many subjects with example and facts.

Notes

QUESTION

Find Question on this Topic and many other subjects

Learn More

Test Series

Here You can find previous year question paper and mock test for practice.

Test Series

Download

Here you can download Current Affairs Question PDF.

Download

Join

Join a family of Rajasthangyan on


Contact Us Contribute About Write Us Privacy Policy About Copyright

© 2021 RajasthanGyan All Rights Reserved.