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25 September 2021

रक्षा मंत्रालय का वायु सेना के लिए 56 सी-295 एम डब्‍ल्‍यू परिवहन विमान खरीदने के लिए स्पेन की कंपनी के साथ करार

रक्षा मंत्रालय ने भारतीय वायु सेना के लिए 56 सी-295 एम डब्‍ल्‍यू परिवहन विमान खरीदने के लिए स्पेन की एयरबस डिफेंस एंड स्पेस कंपनी के साथ एक करार पर हस्ताक्षर किए। एक ऑफसेट अनुबंध पर भी हस्ताक्षर किए गए। इस महीने की शुरुआत में सुरक्षा पर बनी कैबिनेट समिति से मंजूरी मिलने के बाद यह करार किया गया है। 56 सी-295 एम डब्‍ल्‍यू को भारतीय वायु सेना के बेडे में शामिल करने से इसके आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। 56 सी-295 एम डब्‍ल्‍यू परिवहन विमान नवीनतम तकनीक से सज्जित है जो वायु सेना के पुराने एवरो परिवहन विमान की जगह लेगा। इस विमान के बेडे में शामिल होने से विशेष रूप से उत्तरी और पूर्वोत्‍तर क्षेत्र तथा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भारतीय वायुसेना की सामरिक एयरलिफ्ट क्षमता में वृद्धि होगी।

राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 2019-20 के लिए राष्‍ट्रीय सेवा योजना पुरस्‍कार वर्चुअल माध्‍यम से प्रदान किए

भारतीय राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने वर्चुअल माध्यम से वर्ष 2019-20 के लिये ‘राष्ट्रीय सेवा योजना’ (NSS) पुरस्कार प्रदान किये। वर्ष 2019-2020 के लिये ‘राष्ट्रीय सेवा योजना’ पुरस्कार तीन अलग-अलग श्रेणियों में जैसे- विश्वविद्यालय, प्‍लस टू परिषदों, एन.एस.एस. इकाइयों और उनके कार्यक्रम अधिकारियों तथा स्वयंसेवकों को दिये जाएंगे। युवा मामले और खेल मंत्रालय प्रत्‍येक वर्ष विश्वविद्यालयों, कॉलेजों, प्‍लस टू परिषदों, एन.एस.एस. इकाइयों द्वारा किये गए उत्‍कृष्‍ट स्वैच्छिक सामुदायिक सेवा कार्य हेतु उन्हें राष्ट्रीय सेवा योजना पुरस्कार प्रदान करता है। ‘राष्ट्रीय सेवा योजना’ एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है, जिसे वर्ष 1969 में स्वैच्छिक सामुदायिक सेवा के माध्यम से युवाओं के व्यक्तित्व एवं चरित्र विकास के प्राथमिक उद्देश्य के साथ शुरू किया गया था। ‘राष्ट्रीय सेवा योजना’ का वैचारिक अभिविन्यास महात्मा गांधी के आदर्शों से प्रेरित है। राष्ट्रीय सेवा योजना का ध्येय है- ‘मैं ही नहीं आप भी’। संक्षेप में इसके स्वयंसेवक नियमित और विशेष शिविर गतिविधियों के माध्यम से सामाजिक प्रासंगिकता के मुद्दों पर काम करते हैं। इन मुद्दों में साक्षरता एवं शिक्षा; स्वास्थ्य, परिवार कल्याण एवं पोषण; पर्यावरण संरक्षण; सामाजिक सेवा कार्यक्रम; महिला सशक्तीकरण कार्यक्रम; आपदाओं के दौरान बचाव एवं राहत कार्य आदि शामिल हैं।

केन्‍द्र सरकार ने ऑटोमोबाइल क्षेत्र के लिए उत्‍पादन से जुडी प्रोत्‍साहन योजना को अधिसूचित किया

केंद्र सरकार ने ऑटोमोबील्स क्षेत्र के लिए उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना-पीएलआई लागू की है। इसे वित्त वर्ष 2022-23 से आगामी पांच वर्ष के भीतर क्रियान्वित किया जाएगा। इससे ऑटो क्षेत्र में साढ़े सात लाख से अधिक अतिरिक्त रोजगार सृजित होने का अनुमान है। इन पांच वर्षों के दौरान ये क्षेत्र 42 हजार 500 करोड़ रुपये से अधिक नया निवेश भी आकर्षित करेगा। ऑटोमोबील और गाड़ियों के हिस्से-पुर्जे बनाने वाले क्षेत्र के लिए सरकार ने हाल ही में इस योजना को मंजूरी दी थी। इसके तहत मिलने वाले प्रोत्साहन से ये उद्योग आधुनिक प्रौद्योगिकी से लैस उत्पादों को देश में बनाकर दुनियाभर में उनकी आपूर्ति करने में सक्षम होगा। इस योजना से विश्वभर के ऑटो बाजार में भारत की हिस्सेदारी भी बढ़ेगी।

वर्ष 2022 तक औद्योगिक ट्रांस फैट-मुक्त भारत

भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण’ (FSSAI) द्वारा आयोजित हालिया सर्वेक्षण के मुताबिक, भारत वर्ष 2022 तक औद्योगिक ट्रांस फैट-मुक्त बनने की राह पर है। ज्ञात हो कि भारत ने ‘विश्व स्वास्थ्य संगठन’ द्वारा निर्धारित अवधि से एक वर्ष पूर्व यानी वर्ष 2022 तक औद्योगिक रूप से उत्पादित ट्रांस वसा से देश को मुक्त करने के लिये औद्योगिक रूप से उत्पादित ट्रांस वसा की सीमा को 2 प्रतिशत से कम करना अनिवार्य किया है। तरल वनस्पति तेलों को अधिक ठोस रूप में परिवर्तित करने तथा खाद्य भंडारण एवं उपयोग अवधि में वृद्धि करने के लिये इन तेलों का हाइड्रोजनीकरण किया जाता है, इस प्रकार संतृप्त वसा या ट्रांस फैट का निर्माण होता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, ट्रांस वसा का अधिक सेवन (कुल ऊर्जा सेवन का 1% से अधिक) हृदय रोग और मृत्यु दर के बढ़ते जोखिम से जुड़ा है। यह मोटापा, टाइप-2 मधुमेह, चयापचय सिंड्रोम, इंसुलिन प्रतिरोध, बांझपन, कुछ विशेष प्रकार के कैंसर आदि की वृद्धि में भी सहायक है। मई 2018 में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने वर्ष 2023 तक वैश्विक खाद्य आपूर्ति से औद्योगिक रूप से उत्पादित ट्रांस फैट को खत्म करने के लिये एक व्यापक योजना की शुरुआत की थी।

हिमाचल प्रदेश के काजा में दुनिया के सबसे ऊँचे इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन का उद्घाटन किया गया

इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए दुनिया के सबसे ऊंचे चार्जिंग स्टेशन का उद्घाटन हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले के काजा में किया गया। इसका उद्घाटन एसडीएम महेंद्र प्रताप सिंह ने किया। इसकी स्थापना goEgo कंपनी ने की थी। इस चार्जिंग स्टेशन का उद्घाटन क्षेत्र के पर्यावरण की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग करने वाले यात्री काजा में चार्जिंग सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। परीक्षण के आधार पर, दो इलेक्ट्रिक स्कूटरों को सफलतापूर्वक चार्ज किया गया। काजा हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीती जिले में स्थित एक नगर है। यह समुद्रतल से 3650 मीटर की ऊंचाई पर स्पीती नदी के किनारे पर स्थित है। फेम योजना (FAME Scheme) राष्ट्रीय इलेक्ट्रिक मोबिलिटी मिशन योजना (National Electric Mobility Mission Plan) का एक हिस्सा है। सब्सिडी प्रदान करके इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित करने के लिए यह योजना शुरू की गई थी। इस योजना का उद्देश्य सभी वाहन खंडों को प्रोत्साहित करना है।

यमन के 16 मिलियन लोग भुखमरी की कगार पर : संयुक्त राष्ट्र

संयुक्त राष्ट्र की खाद्य एजेंसी के प्रमुख डेविड बेस्ली के अनुसार, यमन में 16 मिलियन लोगभुखमरी की ओर बढ़ रहे हैं”। डेविड बेस्ली ने यह भी चेतावनी दी कि, यमन में लाखों लोगों के भोजन के राशन में अक्टूबर 2021 में कटौती की जाएगी, जब तक कि नई फंडिंग वहां नहीं पहुंच जाती। यमन के मानवीय संकट पर एक बैठक के दौरान, उन्होंने कहा कि अमेरिका, जर्मनी, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब के दानदाताओं ने सहायती की। इस फंडिंग ने अकाल को टालने में मदद की। WFP के अनुसार बिना किसी नए वित्त पोषण के, अक्टूबर 2021 में 3.2 मिलियन लोगों के लिए और दिसंबर 2021 तक 5 मिलियन के लिए राशन की कटौती की जाएगी। 1 मार्च, 2021 को, स्वीडन और स्विटज़रलैंड द्वारा सह-आयोजित एक वर्चुअल प्रतिज्ञा सम्मेलन में, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने 2021 में यमन के लिए $ 3.85 बिलियन का आग्रह किया था। लेकिन देशों ने आधे से भी कम राशि का वादा किया जो कि $1.7 बिलियन है।

केंद्र ने पूर्वोत्‍तर राज्‍यों में तरल हाइड्रोकार्बन और प्राकृतिक गैस का उत्‍पादन दोगुना करने की योजना बनाई

केंद्र ने पूर्वोत्‍तर राज्‍यों में तरल हाइड्रोकार्बन और प्राकृतिक गैस का उत्‍पादन दोगुना करने की योजना बनाई है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने संवाददाताओं को यह जानकारी दी। उन्‍होंने कहा कि पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने पूर्वोत्‍तर क्षेत्र में तेल और प्राकृतिक गैस का उत्‍पादन 9 मिलियन मीट्रिक टन से बढ़ाकर 18 मिलियन मीट्रिक टन करने का फैसला किया है। इस परियोजना के लिए एक लाख करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं और यह 2025 तक पूरी होने की संभावना है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि क्षेत्र के लिए विशेष नीलामी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्‍होंने निवेशकों से इस क्षेत्र में तेल और प्राकृतिक गैस की संभावना तलाशने में निवेश करने के लिए कहा क्‍योंकि इससे उनके लिए असीम अवसर उपलब्‍ध होंगे। श्री पुरी ने स्‍पष्‍ट किया कि पूर्वोत्‍तर में तेल और प्राकृतिक गैस निगम - ओएनजीसी की परिसम्‍पत्तियों को ऑइल इंडिया लिमिटेड- ओआईएल को अंतरित करने की कोई योजना नहीं है।

कर्नाटक विधान परिषद ने ऑनलाइन जुआ पोर्टलों पर प्रतिबंध लगाने के लिए विधेयक पारित किया

कर्नाटक विधान परिषद ने जुआ खेलने के ऑनलाइन पोर्टलों पर प्रतिबंध लगाने के लिए एक विधेयक पारित किया है। विधेयक पर चर्चा के दौरान राज्‍य के गृह मंत्री अरागा जनेन्‍द्र ने कहा कि कर्नाटक पुलिस संशोधन विधेयक 2021 का उद्देश्‍य जुआ खेलकर सट्टेबाजी को प्रोत्‍साहित करने वाली सभी ऑनलाइन साइट पर प्रतिबंध लगाना है। विधयेक के पारित होने से पुलिस को ऐसी साइटस को बढ़ावा देने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार मिल जाएगा।

केन्‍द्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने पहले हिमालयी फिल्‍म महोत्‍सव का उद्घाटन किया

केन्‍द्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने लेह के सिंधू संस्‍कृति केन्‍द्र में पहले हिमालयी फिल्‍म महोत्‍सव का उद्घाटन किया। यह महोत्‍सव पांच दिन तक चलेगा। इसे आजादी का अमृत महोत्‍सव के सिलसिले में आयोजित किया गया है। इस दौरान 12 हिमालयी राज्‍यों और केन्‍द्रशासित प्रदेशों की फिल्‍में दिखाई जाएंगी। उद्घाटन समारोह में शेरशाह फिल्‍म दिखाई जा रही है। यह फिल्‍म परमवीर चक्र से सम्‍मानित कैप्‍टन विक्रम बत्रा के जीवन पर आधारित है।

चेन्नई में मुख्यमंत्री स्टालिन ने स्वास्थ्य देखभाल आपके द्वार योजना का शुभारंभ किया

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने चेन्नई में स्वास्थ्य देखभाल आपके द्वार योजना का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इस महीने शुरू की गई योजना से राज्य के विभिन्न भागों में दस लाख से अधिक लोग लाभान्वित हुए हैं। विश्व श्रवण विकलांगता सप्ताह के अवसर पर श्री स्टालिन ने राजीव गांधी राजकीय अस्पताल में श्रवण अक्षमता का आकलन करने के लिए 98 लाख रुपये के अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण दिए और बच्चों और बुजुर्गों को श्रवण यंत्र भी वितरित किए।

फास्ट एंड सिक्योर्ड ट्रांसमिशन ऑफ इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड (FASTER) सिस्टम

हाल ही में एक बड़ा सुधार करते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने अपने आदेशों के इलेक्ट्रॉनिक प्रसारण के लिये एक प्रणाली को लागू करने की मंज़ूरी दी है। यह अनुच्छेद 21 (जीवन का अधिकार) का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करेगा। इससे पहले भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने न्यायिक प्रणाली में एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित पोर्टल सुपेस (SUPACE) लॉन्च किया, जिसका उद्देश्य न्यायाधीशों को कानूनी अनुसंधान में सहायता करना है। यह सिस्टम एक सुरक्षित इलेक्ट्रॉनिक संचार चैनल के माध्यम से अनुपालन और उचित निष्पादन के लिये कर्तव्य-धारकों को अंतरिम आदेश, स्थगन आदेश, जमानत आदेश और कार्यवाही के रिकॉर्ड की ई-प्रमाणित प्रतियों के प्रसारण का प्रस्ताव करता है। कई ऐसे मामले सामने आए हैं जहाँ अदालत द्वारा पारित जमानत आदेशों के बावजूद भी जेल के कैदियों की दुर्दशा में सुधार नहीं होता है। इसके लिये अदालत के आदेशों के कुशल प्रसारण हेतु सूचना और संचार प्रौद्योगिकी उपकरणों का उपयोग करने की आवश्यकता थी।

सोलर डीसी कुकिंग सिस्टम

हाल ही में केंद्रीय यांत्रिक अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान (CMERI) द्वारा सोलर डीसी कुकिंग तकनीक विकसित की गई। CMERI वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) के तहत एक संस्थान है। यह एक सौर ऊर्जा आधारित कुकिंग सिस्टम है जिसमें सोलर पीवी पैनल, चार्ज कंट्रोलर, बैटरी बैंक और कुकिंग ओवन शामिल हैं। यह प्रौद्योगिकी खाना बनाने के लिये स्वच्छ वातावरण, इन्वर्टर-लेस डायरेक्ट ऑपरेशन, तेज़ और एक समान हीटिंग तथा प्रतिवर्ष / परिवार से 1 टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन को रोकने की क्षमता प्रदान करती है। सोलर डीसी कुकिंग सिस्टम की क्षमता पारंपरिक सोलर आधारित कुकिंग सिस्टम से 20-25 प्रतिशत अधिक है और यह अधिक किफायती भी है क्योंकि एसी-डीसी कन्वर्ज़न के कारण पारंपरिक प्रणाली की कार्यक्षमता घट जाती है। सरल प्रौद्योगिकी डिज़ाइन होने से इसे विकसित करना आसान हो जाता है और इस प्रकार यह सूक्ष्म उद्योगों के लिये पर्याप्त आर्थिक अवसर भी प्रदान करता है। इसकी कीमत 65 हज़ार से 70 हज़ार रुपए के बीच होगी और यदि सरकारी सब्सिडी प्रदान की जाती है तो उत्पाद की कीमत में काफी कमी आएगी। सोलर डीसी कुकिंग सिस्टम का व्यापक उपयोग 200 गीगावाट सौर ऊर्जा के लक्ष्य को प्राप्त करने और लगभग 290 मिलियन टन कार्बन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन को बचाने में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

‘फाइज़र’ का ‘बूस्टर डोज़’

यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन’ ने हाल ही में ‘फाइज़र’ और ‘बायोएनटेक’ की कोविड-19 वैक्सीन के ‘बूस्टर डोज़’ को मंज़ूरी दे दी है, जो कि 65 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोगों तथा कुछ अन्य उच्च जोखिम वाले अमेरिकी नागरिकों को प्रदान किया जाएगा। ‘बूस्टर डोज़’ को दूसरी खुराक के पूरा होने के कम-से-कम छह माह बाद दिया जाना है। इस डोज़ को प्राप्त करने वाले लोगों में मुख्यतः स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्त्ता, शिक्षक और डे-केयर स्टाफ, किराना कर्मचारी और बेघर या जेलों में मौजूद कैदी शामिल हैं। गौरतलब है कि ‘फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन’ संयुक्त राज्य अमेरिका के स्वास्थ्य एवं मानव सेवा विभाग की एक एजेंसी है, जिसका प्राथमिक कार्य खाद्य एवं औषधियों, मानव एवं पशु चिकित्सा हेतु दवाओं, जैविक उत्पादों और चिकित्सा उपकरणों की सुरक्षा एवं प्रभावकारिता सुनिश्चित करना है।

चन्द्रमा क्रेटर का नाम मैथ्यू हेंसन (Matthew Henson) के नाम पर रखा गया

इंटरनेशनल एस्ट्रोनॉमिकल यूनियन (IAU) ने आर्कटिक खोजकर्ता मैथ्यू हेंसन (Matthew Henson) के नाम पर चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर एक चंद्र क्रेटर का नाम रखा है। मैथ्यू हेंसन एक अश्वेत व्यक्ति थे जो 1909 में दुनिया के शीर्ष पर पहुँचने वाले पहले लोगों में से एक थे। हेंसन के नाम पर चन्द्रमा क्रेटर का नाम रखने का प्रस्ताव जॉर्डन ब्रेट्ज़फेल्डर (Jordan Bretzfelder) द्वारा रखा गया था। आर्टेमिस कार्यक्रम (Artemis Programme) नासा द्वारा शुरू किया गया था जिसका उद्देश्य हेंसन क्रेटर पर चंद्र खोजकर्ताओं को उतारना है। उन्हें नासा के तेजी से विविध अंतरिक्ष यात्री पूल से चुना जाएगा। हेंसन क्रेटर चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर स्वेर्ड्रुप (Sverdrup) और डे गेर्लाचे क्रेटर (de Gerlache craters) के बीच स्थित है। यह कार्यक्रम ग्रहों की प्रक्रियाओं का अध्ययन करने के साथ-साथ चंद्रमा और मंगल पर मानव अन्वेषण को आगे बढ़ाने के लिए बुनियादी ढांचे का निर्माण करने के लिए आधारशिला प्रदान करता है। हेंसन एक अनुभवी अन्वेषक और कुशल बढ़ई और शिल्पकार थे। वह लगभग एक दर्जन आर्कटिक अभियानों में शामिल थे जो रॉबर्ट पीयरी द्वारा 18 वर्षों की अवधि में आयोजित किए गए थे, जिसमें उत्तरी ध्रुव तक पहुंचने वाला पहला अभियान भी शामिल था।

श्रीलंका ने कोविड वैक्सीन खरीदने के लिए IMF से 10 करोड़ डॉलर का ऋण मांगा

फाइजर कोविड-19 वैक्सीन की 14 मिलियन खुराक की खरीद के लिए श्रीलंका ने अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से $100 मिलियन के ऋण की मांग है। इस ऋण के साथ, श्रीलंका टीकाकरण कार्यक्रम से संबंधित अन्य लागतों को भी वित्तपोषित करेगा। यह प्रस्ताव स्वास्थ्य मंत्री केहेलिया रामबुक्वेला ने रखा था। श्रीलंका को “कोविड -19 के लिए रणनीतिक तैयारी और प्रतिक्रिया के कार्यक्रम” के तहत अतिरिक्त ऋण अनुदान मिलेगा। IMF पहले ही देश में कोविड -19 प्रतिक्रिया में सहायता के लिए $100 मिलियन का पूरक ऋण देने पर सहमत हो गया है। श्रीलंका ने अब तक 21 मिलियन आबादी में से 50% से अधिक का टीकाकरण किया है। सरकार ने अगले कुछ महीनों में 75% से अधिक आबादी को टीकाकरण करने का लक्ष्य रखा है। जन स्वास्थ्य निरीक्षकों के अनुसार, 30 वर्ष से कम आयु के लोग टीकाकरण कराने के लिए अनिच्छुक हैं। उनमें से केवल 35% को ही 20 सितंबर तक टीका प्राप्त हुआ था।

पेटेंट (संशोधन) नियम, 2021

पेटेंट (संशोधन) नियम, 2021 को 21 सितंबर, 2021 से लागू किया गया। नियमों में संशोधन करके, केंद्र सरकार ने शैक्षणिक संस्थानों पर लगने वाले पेटेंट फाइलिंग और प्रसंस्करण शुल्क को 80% तक कम कर दिया है। फीस में यह कमी स्टार्ट-अप इंडिया पहल के तहत स्टार्ट-अप के लिए उपलब्ध समान रियायत के बराबर है। पेटेंट के लिए आवेदन करते समय, नवोन्मेषकों (innovators) को इन पेटेंटों को उन संस्थानों के नाम पर आवेदन करना होता है, जिन्हें बड़े आवेदकों के लिए बहुत अधिक शुल्क देना पड़ता है। इस प्रकार, भारत के नवाचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए शैक्षणिक संस्थानों की अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए, आधिकारिक शुल्क कम कर दिया गया है। DPIIT के अनुसार, शैक्षणिक संस्थान विभिन्न शोध गतिविधियों में संलग्न हैं, जहां प्रोफेसर या शिक्षक के साथ-साथ छात्र कई नई प्रौद्योगिकियां उत्पन्न करते हैं जिन्हें उसी के व्यावसायीकरण की सुविधा के लिए पेटेंट कराने की आवश्यकता होती है। लेकिन उच्च पेटेंट शुल्क इन प्रौद्योगिकियों को पेटेंट कराने के लिए प्रतिबंधित करता है। इस समस्या को दूर करने के लिए, आवेदनों को संसाधित करने के लिए प्रक्रियात्मक विसंगतियों और अनावश्यक कदमों को दूर करने के उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए पेटेंट नियमों में कई बार संशोधन किया गया है।

वैश्विक कंपनियां 2050 तक जहाजों से उत्सर्जन को कम करेंगी

तेल की बड़ी कंपनियों और बंदरगाह प्राधिकरणों सहित लगभग 150 अग्रणी कंपनियों और संगठनों ने 22 सितंबर, 2021 को वैश्विक शिपिंग उद्योग को 2050 तक पूरी तरह से डीकार्बोनाइज़ करने का आह्वान किया। विश्व व्यापार का लगभग 90% समुद्र द्वारा ले जाया जाता है, जो दुनिया के CO2 उत्सर्जन वैश्विक शिपिंग का हिस्सा 3% है। इस प्रकार, इस क्षेत्र पर सफाई का दबाव बढ़ रहा है। अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन (International Maritime Organization – IMO) नामक संयुक्त राष्ट्र शिपिंग एजेंसी का लक्ष्य 2050 तक 2008 के स्तर की तुलना में जहाजों से कुल ग्रीनहाउस गैस (GHG) उत्सर्जन को 50% तक कम करना है। हालांकि, उद्योग समूह सरकारों से कार्रवाई में तेजी लाने का आह्वान कर रहे हैं। नवीनतम पहल में शिपिंग, चार्टरिंग, वित्त, ईंधन उत्पादन और बंदरगाह कंपनियां और समूह यह सुनिश्चित करने के लिए मजबूत उपायों की मांग कर रहे हैं कि यह क्षेत्र पेरिस समझौते द्वारा निर्धारित जलवायु लक्ष्यों को पूरा करेगा। पेरिस समझौता ग्लोबल वार्मिंग को 2 डिग्री सेल्सियस से कम करने का प्रयास करता है।

ARAI ने इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जर विकसित किया

ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI) ने भारत में ईवी पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के लिए अपना स्वदेशी चार्जर विकसित किया है। ARAI के निदेशक रेजी मथाई के अनुसार, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए चार्जिंग के लिए बुनियादी ढांचा महत्वपूर्ण है। वर्तमान में, भारत में, मोबिलिटी चार्जर आयात किए जाते हैं। इसलिए, ARAI ने इन स्वदेशी चार्जर्स को विकसित करने पर ध्यान केंद्रित किया। ये चार्जर किफायती हैं और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देते हैं। ARAI ने AC001 नामक ईवी चार्जर के लिए स्वदेशी तकनीक विकसित की है। इसे भारत इलेक्ट्रॉनिक्स द्वारा विनिर्माण और प्रचार के लिए लिया गया है। चार्जिंग पॉइंट भारत इलेक्ट्रॉनिक्स द्वारा स्थापित किए जाएंगे जबकि ईवी चार्जर सिस्टम जैसे टाइप 1, टाइप 2, CCS और CHAdeMO के पुर्जे स्थानीय रूप से निर्मित किए जाएंगे। इसके अलावा, ARAI ताकवे में अपना नया केंद्र स्थापित कर रहा है, क्योंकि ADAS (Advanced Driver Assistant System) वाहनों और सिलेंडर परीक्षण केंद्रों को समर्पित स्थान की आवश्यकता होती है। इस केंद्र की स्थापना के लिए अगले 3-4 वर्षों में चरणबद्ध तरीके से लगभग 500 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। ARAI वर्तमान में ऐसे केंद्र स्थापित करने के लिए तेलंगाना और केरल सरकारों के साथ बातचीत कर रहा है।

UPSC IAS Result : बिहार के शुभम कुमार (Shubham Kumar) बने टॉपर

संघ लोक सेवा आयोग ने हाल ही में IAS परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है। इस परीक्षा में बिहार के शुभम कुमार ने टॉप किया है। जबकि जागृति अवस्थी ने दूसरा और अंकिता जैन ने तीसरा स्थान हासिल किया है।

समुद्र का जलस्तर बढ़ना निश्चित है : IPCC रिपोर्ट

Intergovernmental Panel on Climate Change (IPCC) ने हाल ही में वर्किंग ग्रुप I की असेसमेंट रिपोर्ट “Climate Change 2021: The Physical Science Basis” शीर्षक से प्रकाशित की। IPCC रिपोर्ट विज्ञान और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों पर सबसे व्यापक वैज्ञानिक समीक्षाओं में से एक प्रदान करती है। इसने ग्रीनहाउस गैस (GHG) उत्सर्जन के विभिन्न स्तरों के साथ भविष्य के लिए पांच अलग-अलग साझा सामाजिक-आर्थिक मार्गों पर चर्चा की। इसने निम्नलिखित परिदृश्यों को चित्रित किया :

  1. बहुत कम और कम ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन – यहां, सदी के मध्य में उत्सर्जन शून्य से शून्य हो जाता है। इसके अलावा, उत्सर्जन शुद्ध नकारात्मक है।
  2. मध्यम ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन- 2100 तक उत्सर्जन मौजूदा स्तर से दोगुना है।
  3. उच्च और बहुत अधिक उत्सर्जन – यहां, उत्सर्जन 2050 तक मौजूदा स्तरों से दोगुना है।
मध्यवर्ती परिदृश्य में, मध्य शताब्दी के निकट औसत तापवृद्धि 2°C से अधिक होने की संभावना है। औसत वैश्विक तापमान वर्तमान में पूर्व-औद्योगिक स्तरों की तुलना में 1.09 डिग्री सेल्सियस अधिक है जबकि वातावरण में CO2 की सांद्रता 1850 में 285 पीपीएम की तुलना में 410 पीपीएम है।

24 सितंबर: विश्व समुद्री दिवस

हर साल, 24 सितंबर को अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों द्वारा विश्व समुद्री दिवस मनाया जाता है। विश्व समुद्री दिवस पहली बार मार्च 1978 में मनाया गया था। तब इसे IMO कन्वेंशन को चिह्नित करने के लिए मनाया गया था। 1948 में जिनेवा में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन ने IMO कन्वेंशन को अपनाया। पहले IMO को अंतर-सरकारी समुद्री परामर्शदात्री संगठन कहा जाता था। विश्व का लगभग 80% व्यापार समुद्र के माध्यम से होता है। यह माल का कम लागत वाला परिवहन प्रदान करता है और इस प्रकार सतत समुद्री विकास को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण है। भारत हर साल 5 अप्रैल को अपना समुद्री दिवस मनाता है। यह 1964 में पहली बार मनाया गया था। भारत सरकार राष्ट्रीय समुद्री दिवस पर वरुण पुरस्कार, समुद्री शिक्षा और प्रशिक्षण में उत्कृष्ट योगदान और NMD उत्कृष्टता पुरस्कार जैसे पुरस्कार प्रदान करती है।

हाइफा दिवस

प्रत्येक वर्ष 23 सितंबर को भारतीय सेना द्वारा हाइफा दिवस के रूप में मनाया जाता है। हाइफा दिवस का मुख्य उद्देश्य हाइफा के युद्ध में लड़ने वाले भारतीय सैनिकों के प्रति सम्मान प्रकट करना है। हाइफा का युद्ध 23 सितंबर, 1918 को हुआ था, जिसमें जोधपुर, मैसूर तथा हैदराबाद के सैनिकों, जो कि 15 इंपीरियल सर्विस कैवलरी ब्रिगेड का हिस्सा थे, ने मित्र राष्ट्रों की ओर से प्रथम विश्वयुद्ध में भाग लेकर जर्मनी व तुर्की के आधिपत्य वाले इज़राइल के ‘हाइफा शहर’ को मुक्त करवाया था। इस युद्ध में लड़ने वाले सैनिकों को सम्मान देते हुए बीते वर्ष भारत सरकार ने दिल्ली स्थित विख्यात तीन मूर्ति मेमोरियल को तीन मूर्ति हाइफा मेमोरियल के रूप में पुनः नामित किया था।

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