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10 October 2021

136 देशों के समूह ने बड़ी बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए कम से कम 15% कॉर्पोरेट कर दर लागू करने की ऐतिहासिक वैश्विक संधि पर हस्ताक्षर किए

एक सौ छत्तीस देशों के समूह ने बड़ी बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए कम से कम 15 प्रतिशत कॉर्पोरेट कर दर लागू करने की ऐतिहासिक वैश्विक संधि पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते से कर नीति में बदलाव की संभावना है। इससे न सिर्फ न्यूनतम कॉर्पोरेट कर दर लागू होगी बल्कि कंपनियों को वहां भी कर का भुगतान करना होगा जहां वे संचालन कर रही हैं, न कि सिर्फ वहां जहां उनका मुख्यालय है। आर्थिक सहयोग और विकास संगठन ने कई वर्षों की असहमति के बाद इस महत्वपूर्ण समझौते की घोषणा की। संगठन ने कहा कि एक सौ छत्तीस देशों ने इस समझौते के लिए सहमति दी है और इन देशों का वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद में 90 प्रतिशत से अधिक योगदान है। इस समझौते से विश्व की लगभग सौ सबसे बड़ी और सबसे अधिक लाभ कमाने वाली बहुराष्ट्रीय कंपनियों का 125 अरब डॉलर से अधिक का लाभ विश्व के अऩ्य देशों को स्थानांतरित होगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि ये कंपनियां कर के उचित अंश का भुगतान करेंगी जहां से संचालित होती हैं और लाभ कमाती है। नयी कॉर्पोरेट कर दर 2023 से लागू होगी। वैश्‍विक कर संधि की प्रक्रिया में शामिल 140 देशों में से कीनिया, नाइजीरिया, पाकिस्तान और श्रीलंका को छोड़कर 136 देशों ने समझौते का समर्थन किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेत्त फ्रेडरिक्सन के साथ वार्ता की

भारत और डेनमार्क ने आपसी सहयोग बढ़ाने के चार समझौतों पर हस्ताक्षर किए। ये समझौते कौशल विकास तथा उद्यमशीलता, परम्‍परागत ज्ञान डिजिटल पुस्‍तकालय, संभाव्‍य उपयोगों के साथ उष्‍णकटिबंधीय जलवायु के लिए प्राकृतिक प्रशीतक के लिए उत्‍कृष्‍टता केंद्र की स्‍थापना और भूजल संसाधनों तथा जल निकायों का मानचित्रण के बारे में हैं। इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेट्टी फ्रेडेरिक्‍सन ने नई दिल्ली में द्विपक्षीय वार्ता की।

WMO ने “The State of Climate Services 2021: Water” रिपोर्ट जारी की

विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने 5 अक्टूबर, 2021 को “The State of Climate Services 2021: Water” शीर्षक से अपनी नई रिपोर्ट जारी की। WHO के अनुसार, जलवायु परिवर्तन से बाढ़ और सूखे जैसे पानी से संबंधित खतरों का खतरा बढ़ जाता है। जलवायु परिवर्तन से पानी की कमी से प्रभावित लोगों की संख्या भी बढ़ेगी। इस रिपोर्ट के अनुसार, 2018 में, दुनिया भर में 3.6 बिलियन लोगों के पास प्रति वर्ष कम से कम एक महीने पानी की अपर्याप्त पहुंच थी। यह संख्या 2050 तक 5 अरब से अधिक होने की उम्मीद है। इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि, यह स्थिति और भी खराब होती जा रही है क्योंकि पृथ्वी पर केवल 0.5 प्रतिशत पानी ही उपयोग योग्य है और ताजा पानी उपलब्ध है। पिछले 20 वर्षों में पानी से संबंधित खतरे बढ़ गए हैं। पिछले दो दशकों की तुलना में 2000 के बाद से बाढ़ से संबंधित आपदाओं में 134% की वृद्धि हुई है। हालांकि, इसी अवधि के दौरान सूखे की संख्या और अवधि में 29% की वृद्धि हुई है। अफ्रीका में लगभग दो अरब लोग पानी की कमी वाले देशों में रहते हैं। उन्हें पीने के सुरक्षित पानी और साफ-सफाई की कमी का सामना करना पड़ता है।

हेली-बोर्न सर्वे टेक्नोलॉजी

केंद्रीय मंत्री, डॉ जितेंद्र सिंह ने 5 अक्टूबर, 2021 को अत्याधुनिक हेली-बोर्न सर्वेक्षण तकनीक (Heli-borne Survey Technology) लांच की। भूजल प्रबंधन के लिए हेली सर्वेक्षण प्रौद्योगिकी (Heli Survey Technology) शुरू की गई थी। पहले चरण में राजस्थान, पंजाब, गुजरात और हरियाणा राज्यों को हेली-बोर्न सर्वेक्षण किया जा रहा है। राजस्थान के जोधपुर से 5 अक्टूबर को सर्वे शुरू किया गया था। हेली सर्वेक्षण प्रौद्योगिकी (Heli Survey Technology) CSIR-NGRI हैदराबाद द्वारा विकसित की गई है। शुष्क क्षेत्रों में भूजल स्रोतों का मानचित्रण करने के लिए अत्याधुनिक तकनीक, हेली सर्वेक्षण प्रौद्योगिकी का उपयोग किया जाएगा। इस सर्वेक्षण से भूजल का पीने के लिए उपयोग करने में मदद मिलेगी। हेली-बोर्न भूभौतिकीय मानचित्रण तकनीक (heli-borne geophysical mapping technique) उप-सतह के लिए जमीनी स्तर से 500 मीटर नीचे की गहराई तक हाई-रिज़ॉल्यूशन 3D छवि प्रदान करेगी। इस परियोजना को संभावित भूजल स्रोतों का मानचित्रण करने और भारत के पानी की कमी वाले शुष्क क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए इसके प्रबंधन के उद्देश्य से विकसित किया गया है।

प्रधानमंत्री 11 अक्टूबर को भारतीय अंतरिक्ष संघ का शुभारंभ करेंगे

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी 11 अक्टूबर, 2021 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भारतीय अंतरिक्ष संघ (आईएसपीए) का शुभारंभ करेंगे। वह इस ऐतिहासिक अवसर पर अंतरिक्ष उद्योग के प्रतिनिधियों के साथ संवाद भी करेंगे। आईएसपीए अंतरिक्ष और उपग्रह कंपनियों का प्रमुख उद्योग संघ है, जो भारतीय अंतरिक्ष उद्योग की सामूहिक आवाज बनने की आकांक्षा रखता है। आईएसपीए संबंधि‍त नीतियों की हिमायत करेगा और इसके साथ ही सरकार एवं उसकी एजेंसियों सहित भारतीय अंतरिक्ष क्षेत्र के सभी हितधारकों के साथ अपना जुड़ाव सुनिश्चित करेगा। प्रधानमंत्री के ‘आत्मनिर्भर भारत’ दृष्टिकोण को रेखांकित करते हुए आईएसपीए भारत को आत्मनिर्भर, तकनीकी रूप से उन्नत और अंतरिक्ष क्षेत्र में एक अग्रणी देश बनाने में मदद करेगा। आईएसपीए का प्रतिनिधित्व अंतरिक्ष और उपग्रह प्रौद्योगिकियों में उन्नत क्षमताएं रखने वाली प्रमुख देशी कंपनियों के साथ-साथ वैश्विक कंपनियां भी करती हैं। आईएसपीए के संस्थापक सदस्यों में लार्सन एंड टुब्रो, नेल्को (टाटा ग्रुप), वनवेब, भारती एयरटेल, मैपमायइंडिया, वालचंदनगर इंडस्ट्रीज और अनंत टेक्नोलॉजी लिमिटेड शामिल हैं। इसके अन्य प्रमुख सदस्यों में गोदरेज, ह्यूजेस इंडिया, अजि‍स्ता-बीएसटी एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड, बीईएल, सेंटम इलेक्ट्रॉनिक्स, मैक्सार इंडिया शामिल हैं।

पोत परिवहन मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल ने पत्तन संचालन की डिजिटल निगरानी के लिए 'माईपोर्टएप' शुरू किया

केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल ने कोलकाता में माईपोर्टएप (MyPortApp) नाम से एक पत्तन मोबाइल एप्लिकेशन शुरू किया है। इस एप में सभी पत्तन विवरण डिजिटल रूप से शामिल किए गए हैं और वर्चुअल रूप से परिचालन की निगरानी करते हैं। यह विभिन्न पत्तन सेवाओं का लाभ उठाने के लिए पत्तन उपयोगकर्ताओं के लिए लक्षित है। इस एप का उद्देश्य पारदर्शिता और पत्तन से संबंधित जानकारी की आसान पहुंच को बढ़ावा देना है। इस एप में वेसल बर्थिंग, रेक और मांगपत्र, रेक पावती, कंटेनर की स्थिति, टैरिफ, बिल और पत्तन अवकाश आदि जैसी विभिन्न जानकारी भी है और इसे 24x7 (सप्ताह में सभी दिन चौबीसों घंटे) कहीं से भी इस्तेमाल किया जा सकता है और सीधे पत्तन तक पहुंचा जा सकता है।

श्री ज्योतिरादित्य एम सिंधिया ने उत्तराखंड में दून ड्रोन मेले का शुभारंभ किया

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और नागरिक उड्डयन राज्यमंत्री, जनरल (सेवानिवृत्त) डॉ. वी के सिंह ने देहरादून, उत्तराखंड में दून ड्रोन मेला 2021 का शुभारंभ किया। श्री सिंधिया ने पैराग्लाइडिंग के प्रदर्शन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया और दून ड्रोन मेले में प्रोटोटाइप का प्रदर्शन करने वाली कंपनियों के साथ बातचीत भी की। इस दौरान ड्रोन और एयरोस्पोर्ट्स प्रदर्शन किए गए। इनमें सीमा सुरक्षा बल द्वारा पैराग्लाइडिंग प्रदर्शन, हर्ष सचान द्वारा पैरामोटर प्रदर्शन और आईओटेकवर्ल्ड एविएशन और दक्ष द्वारा एक कृषि छिड़काव संबंधी ड्रोन प्रदर्शन शामिल थे। इसके अलावा, इस कार्यक्रम में ड्रोन एप्लिकेशन एंड रिसर्च सेंटर (डीएआरसी) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) द्वारा स्वदेशी रूप से 3 डी-प्रिंटेट ड्रोन के साथ एक आपातकालीन खोज और प्रतिक्रिया ड्रोन प्रदर्शन भी शामिल था। इसके बाद स्वामित्व योजना के तहत आरव अनमैन्ड सिस्टम्स (एयूएस) द्वारा एक संक्षिप्त सर्वेक्षण ड्रोन प्रदर्शन के साथ-साथ स्कवाड्रन लीडर वर्षा कुकरेती (सेवानिवृत्त) द्वारा एक प्रशिक्षण ड्रोन प्रदर्शन किया गया।

भारत और क्रोएशिया पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों में अकादमिक अनुसंधान और दक्षता निर्माण के लिए सहयोग करेंगे

आयुष मंत्रालय ने 06 अक्‍टूबर, 2021 को भारत की पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों, विशेष रूप से आयुर्वेद के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच अकादमिक सहयोग का मार्ग प्रशस्त करते हुए क्रोएशिया के साथ एक समझौता किया। समझौता ज्ञापन पर अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए) और क्रोएशिया के क्वार्नर हेल्थ टूरिज्म क्लस्टर के बीच हस्ताक्षर किए गए। आयुष मंत्रालय के तहत एआईआईए एक स्वायत्त संस्‍थान है। क्रोएशिया के साथ समझौता ज्ञापन अन्य देशों के साथ भारत के संबंधों को मजबूत करने और शैक्षणिक अनुसंधान, नैदानिक ​​और शैक्षिक गतिविधियों, चिकित्सा शिक्षा, प्रशिक्षण और दक्षता निर्माण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

RBI मौद्रिक नीति समिति (Monetary Policy Committee) घोषणाएं

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की तीन सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने एक उदार रुख बनाए रखा और विकास को पुनर्जीवित करने और बनाए रखने और कोविड -19 महामारी के प्रभाव को कम करने के लिए रेपो दर को 4% पर अपरिवर्तित रखा है। मौद्रिक नीति समिति ने यह भी सुनिश्चित किया है कि मुद्रास्फीति लक्ष्य के भीतर बनी रहे। रिवर्स रेपो रेट को पहले की तरह 3.35% रखा गया। सीमांत स्थायी सुविधा (MSF) दर और बैंक दर भी 4.25% पर अपरिवर्तित हैं। यह लगातार 8वीं बार था जब RBI ने नीतिगत दर पर यथास्थिति बनाए रखी। ब्याज दरों में कटौती करके मांग को बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय बैंक ने पिछली बार 22 मई, 2020 को अपनी नीतिगत दर को एक ऑफ-पॉलिसी चक्र में संशोधन किया था।

वार्षिक अंतर्राष्ट्रीय G-20 सम्मेलन का आयोजन किया गया

13वां वार्षिक अंतर्राष्ट्रीय G-20 सम्मेलन 6 अक्टूबर, 2021 को आयोजित किया गया था। इस सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किया। इस सम्मेलन के दौरान, वित्त मंत्री ने उल्लेख किया कि, भारत 2023 में G20 अध्यक्ष पद ग्रहण करने की पृष्ठभूमि में, अंतर्राष्ट्रीय नीति समन्वय में निर्वात क्षेत्रों (vacuum areas) की पहचान करने के लिए काम कर रहा है। भारत FATF (फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स) और IMF (अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष) जैसे संस्थानों की प्रभावशीलता को मजबूत करने के लिए भी काम कर रहा है । वित्त मंत्री के अनुसार, G20 प्रेसीडेंसी भारत के लिए स्थिरता, नवाचार, समावेशिता और न्याय को दर्शाने वाले भविष्य के बारे में अपनी दृष्टि को आगे बढ़ाने के लिए एक उत्कृष्ट मंच प्रदान करेगी।

ICMR ने 5 भारतीय भाषाओं में मुद्रा टूलबॉक्स जारी किया

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने 5 अक्टूबर, 2021 को पांच भारतीय भाषाओं में “Multilingual Dementia Research and Assessment (MUDRA)” टूलबॉक्स जारी किया । डिमेंशिया से पीड़ित लोगों की देखभाल और पहुंच का विस्तार करने के लिए यह टूलबॉक्स लॉन्च किया गया है। इस टूलबॉक्स को हिंदी, बंगाली, कन्नड़, तेलुगु और मलयालम सहित भाषाओं में लॉन्च किया गया है। मुद्रा टूलबॉक्स परियोजना का नेतृत्व ICMR न्यूरो-कॉग्निटिव टूल बॉक्स (ICMR-NCTB) साझेदारी द्वारा किया जा रहा है। यह भारत में मनोभ्रंश और हल्के संज्ञानात्मक हानि अनुसंधान और चिकित्सीय प्रथाओं में सुधार करने का प्रयास करता है। इस परियोजना को लागू करने के लिए, ICMR-NCTB ने AIIMS (नई दिल्ली), NIMHANS (बेंगलुरु), NIMS (हैदराबाद), SCTIMST (तिरुवनंतपुरम), मणिपाल अस्पताल (बेंगलुरु), अपोलो अस्पताल (कोलकाता) और जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के साथ सहयोग किया है।

SVAMITVA : पीएम मोदी ने मध्य प्रदेश में 1.7 लाख ई-प्रॉपर्टी कार्ड वितरित किये

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 6 अक्टूबर, 2021 को मध्य प्रदेश में स्वामित्व योजनाके लाभार्थियों के साथ बातचीत की। इस अवसर पर, पीएम मोदी ने स्वामित्व योजना (SVAMITVA Scheme) के तहत 1,71,000 लाभार्थियों को ई-प्रॉपर्टी कार्ड भी वितरित किए। SVAMITVA योजना का अर्थ है “Survey of Villages Abadi and Mapping with Improvised Technology in Village Areas”। यह एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है। इसे पंचायती राज मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित किया जा रहा है। यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों को संपत्ति के अधिकार प्रदान करने के उद्देश्य से लागू की गई है। यह योजना शहरी क्षेत्रों में ऋण और अन्य वित्तीय लाभ लेने के लिए ग्रामीणों द्वारा वित्तीय संपत्ति के रूप में संपत्ति का उपयोग करने का मार्ग प्रशस्त करेगी। इसका उद्देश्य नवीनतम सर्वेक्षण ड्रोन-प्रौद्योगिकी का उपयोग करके ग्रामीण क्षेत्रों में बसी हुई भूमि का सीमांकन करना भी है। इस प्रकार, यह योजना भारत में ड्रोन निर्माण के पारिस्थितिकी तंत्र को भी बढ़ावा देती है। केंद्र सरकार ने 24 अप्रैल, 2021 को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर स्वामित्व योजना शुरू की थी। यह योजना पंचायती राज मंत्रालय, राज्य के राजस्व विभाग, राज्य पंचायती राज विभागों और भारतीय सर्वेक्षण विभाग का एक सहयोगात्मक प्रयास है। इसका उद्देश्य ग्रामीण भारत में एक एकीकृत संपत्ति सत्यापन समाधान प्रदान करना है।

पूर्वोत्तर राज्यों में खाद्य तेलों-आयल पाम पर राष्ट्रीय मिशन पर व्यापार शिखर सम्मेलन आयोजित किया गया

6 अक्टूबर, 2021 को पूर्वोत्तर राज्यों के लिए गुवाहाटी में “National Mission on Edible Oil- Oil Palm Business Summit” का आयोजन किया गया। इस शिखर सम्मेलन का आयोजन उत्तर पूर्व की समग्र और संतुलित प्रगति के लिए प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण के अनुरूप किया गया था। इस शिखर सम्मेलन की शुरुआत केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की अध्यक्षता में हुई। पाम ऑयल को बढ़ावा देने के लिए उत्तर पूर्वी राज्यों में प्रमुख हस्तक्षेप करने का सरकार का निर्णय, पूर्वोत्तर राज्यों को भारत के पाम ऑयल हब में बदल देगा। पूर्वोत्तर राज्यों के लिए विशेष पैकेज और सहायता से किसानों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में बदलाव आएगा। यह रोजगार के अवसर भी खोलेगा क्योंकि यह बुनियादी ढांचे के विकास के साथ-साथ पाम तेल मिलों की स्थापना करेगा।

प्रादेशिक सेना ने अपना 72वां स्थापना दिवस मनाया

प्रादेशिक सेना ने नौ अक्टूबर को अपना 72वां स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर प्रादेशिक सेना के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल प्रीत मोहिंदर सिंह ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर माल्यार्पण कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इस उपलक्ष्य में देश भर में कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। प्रारंभ में प्रादेशिक सेना में पैदल सेना, बख़्तरबंद कोर, वायु रक्षा तोपखाने, सिग्नल, आपूर्ति और अन्य विभागीय इकाइयां शामिल थीं। औपचारिक रूप से इसकी स्‍थापना पहले गवर्नर जनरल सी राजगोपालाचारी ने नौ अक्टूबर 1949 को की थी। रक्षा मंत्रालय के अनुसार प्रादेशिक सेना के पास गृह और भूमि पुत्रों की अवधारणा पर आधारित हर्थ बटालियन के अलावा भारतीय सेना की विभिन्न रेजीमेंटों से संबद्ध कई इकाइयां हैं। जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा के रख-रखाव के लिए इंजीनियर टीए बटालियन तैनात हैं। प्रादेशिक सेना के पास दस पारिस्थितिक टीए बटालियन हैं जो देश के पर्यावरण संरक्षण के लिए दुर्गम और बंजर इलाकों में वृक्षारोपण करने, आर्द्रभूमि को पुनर्जीवित करने, जल निकायों को बहाल करने और चेक डैम बनाकर जल संरक्षण के उपाय करने का काम करती है।

9 अक्टूबर: विश्व डाक दिवस

हर साल, 9 अक्टूबर को संयुक्त राष्ट्र द्वारा विश्व डाक दिवस (World Post Day) मनाया जाता है। यह 9 अक्टूबर, 1874 में यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन (Universal Postal Union) की स्थापना के उपलक्ष्य में 9 अक्टूबर को मनाया जा रहा है। इस दिन को 1969 में जापान में Universal Postal Union Congress में विश्व डाक दिवस के रूप में घोषित किया गया था। विश्व डाक दिवस लोगों के रोजमर्रा के जीवन में डाक की भूमिका के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए मनाया जाता है। विश्व के 150 से अधिक देश विश्व डाक दिवस मनाते हैं। भारत ने विश्व डाक दिवस से राष्ट्रीय डाक सप्ताह की शुरुआत कर दी है। यह सप्ताह 9 अक्टूबर और 15 अक्टूबर के बीच मनाया जाता है। भारत में डाक व्यवस्था चलाने वाली भारतीय डाक को लॉर्ड क्लाइव ने 1766 में स्थापित किया था यह संचार मंत्रालय के अधीन काम करता है। यह दुनिया में व्यापक रूप से वितरित नेटवर्क में से एक है। भारतीय डाक को मुख्य पोस्ट मास्टर के नेतृत्व में 23 पोस्टल सर्कल में बांटा गया है।

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