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12 March 2019

भारत के उपराष्ट्रपति की पैराग्वे गणराज्य और कोस्टा रिका गणराज्य की यात्रा

भारत के उपराष्ट्रपति श्री एम. वेंकैया नायडू ने 5-7 मार्च 2019 तक पैराग्वे गणराज्य और 7-9 मार्च 2019 तक कोस्टा रिका गणराज्य का दौरा किया। यह भारत की ओर से दोनों देशों की पहली उच्च-स्तरीय यात्रा थी। उपराष्ट्रपति के साथ एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी था जिसमें पर्यटन राज्य मंत्री श्री के. जे. अल्फोंस, संसद सदस्य और भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।

श्री नायडू ने पेराग्वे से मर्कोसोर और भारत के बीच वरीयता व्यापार समझौते के विस्तार के साझा एजेंडे को आगे बढ़ाने की अपील की। पेराग्वे ने भारत के साथ महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर महात्मा गांधी के योगदान को याद किया। श्री नायडू ने पराग्वे के उपराष्ट्रपति श्री ह्यूगो वेलकाज़ेज़ के साथ संयुक्त रूप से महात्मा गांधी पर एक विशेष स्मारक डाक टिकट जारी किया। श्री नायडू ने पेराग्वे के नेतृत्व से असुनसियोन में एक प्रमुख स्थान पर संयुक्त रूप से महात्मा गांधी की प्रतिमा स्थापित करने का अनुरोध किया।

भारतीय दवाइयां, जो बेहद किफायती और FDA द्वारा अनुमोदित हैं, की चर्चा करते हुए, उन्होंने कोस्टा रिका में भारतीय जेनेरिक दवाइयों की उपलब्धता को आसान बनाने के लिए कोस्टा रिका से अनुमोदन प्रक्रिया को तेज बनाने का आग्रह किया। उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत और कोस्टा रिका, कौशल विकास के विभिन्न पहलुओं जैसे उद्यमिता, वित्तीय और डिजिटल साक्षरता में प्रशिक्षण में सहयोग कर सकते हैं। पर्यावरण को कार्बन मुक्त करने और पर्यावरण के संरक्षण की आवश्यकता पर बोलते हुए, श्री नायडु ने अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन जिसमें 175 गीगावॉट सौर स्वच्छ ऊर्जा का लक्ष्य है, में कोस्टा रिका के सम्मिलित होने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उपराष्ट्रपति ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधारों के समर्थन ने के लिए कोस्टा रिकी नेतृत्व से अनुरोध किया और 2021-2022 की अवधि के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की गैर-स्थायी सीट सहित कई बहुपक्षीय चुनावों के लिए भारत के उम्मीदवारी के लिए उनका समर्थन मांगा। उपराष्ट्रपति को "भारत में कानून के शासन, लोकतंत्र और सतत विकास" के लिए उनके योगदान के लिए संयुक्त राष्ट्र द्वारा स्थापित ‘यूनीवर्सिटी फॉर पीस’ द्वारा डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया।

रघुराम राजन को यशवंत राव चवाण राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया जायेगा

भारतीय रिज़र्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन को यशवंत राव चवाण राष्ट्रीय पुरस्कार 2018 से सम्मानित किया जायेगा। उन्हें यह सम्मान यशवंत राव चवाण प्रतिष्ठान द्वारा आर्थिक विकास में उनके योगदान के लिए दिया जायेगा। उन्हें यह सम्मान 12 मार्च को यशवंत राव चवाण के 106वें जन्म दिवस के अवसर पर प्रदान किया जायेगा। यशवंत राव चवाण महाराष्ट्र के पहले मुख्यमंत्री थे, वे प्रधानमंत्री चरण सिंह की कैबिनेट ने 1979-1980 के बीच डिप्टी प्रधानमंत्री भी रहे। उनका जन्म 12 मार्च, 1913 को महाराष्ट्र के सतारा जिले में हुआ था। उन्होंने असहयोग आन्दोलन तथा भारत छोड़ो आन्दोलन में हिस्सा लिया। स्वतंत्रता के बाद वे महाराष्ट्र सरकार और भारत सरकार में कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे। उनका निधन 25 नवम्बर, 1984 को हुआ था।

हसमुख अधिया को गुजरात केन्द्रीय विश्वविद्यालय का चांसलर नियुक्त किया गया

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पूर्व केन्द्रीय वित्त सचिव हसमुख अधिया की गुजरात केन्द्रीय विश्वविद्यालय के चांसलर के रूप में नियुक्ति को मंज़ूरी दी। वे इस पद पर पांच वर्ष तक कार्य करेंगे। हसमुख अधिया गुजरात कैडर के आईएएस अफसर हैं, उन्हें 2014 में वित्तीय सेवा विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है। केन्द्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना केन्द्रीय विश्वविद्यालय अधिनियम, 2009 के तहत की गयी थी। इस अधिनियम के तहत बिहार, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखण्ड, कर्नाटक, केरल, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान तथा तमिलनाडू में एक-एक केन्द्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना की व्यवस्था की गयी है। इस अधिनियम के द्वारा छत्तीसगढ़ के गुरु घासीदास विश्वविद्यालय, सागर के (मध्य प्रदेश) हरी सिंह गौर विश्वविद्यालय तथा उत्तराखंड के हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय को केन्द्रीय विश्वविद्यालय के रूप में परिवर्तित करने की व्यवस्था की गयी है।केन्द्रीय विश्वविद्यालयों की स्थापना केन्द्रीय मानव संसाधन विकास द्वारा की गयी थी।

भारत ने चीन में लांच किया तीसरा आईटी कॉरिडोर

भारत ने चीन में अपना तीसरा आईटी कॉरिडोर लांच किया। यह कॉरिडोर भारतीय और चीनी कंपनियों की पार्टनरशिप में सहायता करेगा। आईटी कॉरिडोर के विकास के लिए राष्ट्रीय सॉफ्टवेयर व सेवा कंपनी संघ (नैसकॉम) ने चीन के शुजो नगर के साथ पार्टनरशिप की थी।

इस पहले चीन के डालियान तथा गुइयांग शहरों में भी दो कॉरिडोर लांच किये गये थे। इससे 300 कंपनियों को कार्य करने का मौका मिला। इसमें 10 से अधिक भारतीय लघु व मध्यम कंपनियों ने 4.5 मिलियन डॉलर के सौदे पर हस्ताक्षर किये गये थे। पहले दो कॉरिडोर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, IoT तथा एनालिटिक्स के क्षेत्र में कार्य किया गया।

काशी विश्वनाथ कॉरिडोर

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हाल ही में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की आधारशिला रखी। इस परियोजना के द्वारा इस धार्मिक स्थल का जीर्णोंधार किया जायेगा। इससे पहले 1780 में मराठा रानी अहिल्याबाई होलकर ने मंदिर तथा आसपास के क्षेत्र का जीर्णोधार किया था। यह 50 फीट का कॉरिडोर गंगा के मणिकर्णिका तथा ललिता घाट को सीधे काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर से जोड़ा जायेगा। इस कॉरिडोर में यात्रियों को नए संग्रहालय तथा वाराणसी का प्राचीन इतिहास व संस्कृति देखने को मिलेगी। धार्मिक अनुष्ठानों के लिए नई यज्ञशालाओं का निर्माण भी किया जायेगा। इस परियोजना की कुल लागत लगभग 600 करोड़ रुपये आएगी। काशी विश्वनाथ मंदिर गंगा नदी के किनारे पर स्थित है, परन्तु इसके आसपास के क्षेत्र काफी छोटा व संकरा है। इस कारण उत्सव के समय में इस स्थान पर भीड़ की काफी समस्या रहती है। कॉरिडोर के निर्माण के बाद भीड़ से निजात मिलेगी तथा तीर्थयात्रियों को भी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेगी।

पल्स पोलियो कार्यक्रम 2019

सरकार ने हाल ही में पल्स पोलियो कार्यक्रम 2019 को मंज़ूरी दे दी है। इस कार्यक्रम के तहत पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों को पोलियो ड्रॉप्स पिलाई जायेंगी। भारत को 2014 में पोलियो मुक्त राष्ट्र घोषित किया गया था। पल्स पोलियो कार्यक्रम 2019 का उद्देश्य भारत को पोलियो-मुक्त बनाये रखना है। इस कार्यक्रम के तहत पांच वर्ष से कम आयु के 17 करोड़ बच्चों को पोलियो ड्रॉप्स पिलाई जायेंगी। पोलियो एक संक्रामक रोग है, यह आमतौर पर पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों को प्रभावित करता है। पोलियो का वायरस दूषित जल के द्वारा एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक फैलता है। यह वायरस तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है, इससे कई मामलों में व्यक्ति पक्षाघात भी हो सकता है। हालांकि पोलियो का कोई इलाज नहीं है, परन्तु टीके की सहायता से इसके रोका सकता है।

वाशिंग मशीन व माइक्रोवेव ओवन के लिए उर्जा दक्षता रेटिंग जारी की जायेगी

उर्जा मंत्रालय ने हाल ही में घोषणा की है कि माइक्रोवेव ओवन तथा वाशिंग मशीन के लिए अब उर्जा दक्षता के पैमाने पर स्टार रेटिंग जारी की जायेगी। माइक्रोवेव तथा वाशिंग मशीन के लिए स्टार रेटिंग कार्यक्रम स्वेच्छा के आधार पर क्रियान्वित किया जाएगा, यह 31 दिसम्बर, 2020 तक वैध होगा। उपकरण की स्टार रेटिंग से ज्ञात होता है कि वह विद्युत् उत्पाद कितना उर्जा दक्ष है। जिस उत्पाद की रेटिंग जितनी अधिक होती है वह उतना अधिक उर्जा दक्ष होता है। भारत में उपकरणों की रेटिंग का कार्य उर्जा दक्षता ब्यूरो द्वारा किया जाता है। उर्जा दक्षता ब्यूरो की स्थापना उर्जा संरक्षण अधिनियम, 2001 के तहत की गयी थी, यह एक वैधानिक संस्था है। उर्जा दक्षता ब्यूरो विद्युत् के उचित उपयोग के लिए सरकार की सहायता करता है।

बाँध पुनर्वास तथा सुधार परियोजना के लिए ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किये गये

विश्व बैंक, भारत सरकार तथा कर्नाटक, केरल, ओडिशा, तमिलनाडु तथा उत्तराखंड के प्रतिनिधियों ने बाँध पुनर्वास व सुधार परियोजना (DRIP) के लिए 137 मिलियन डॉलर के ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किये। इस अतिरिक्त फंडिंग का उपयोग ओडिशा के हीराकुड बाँध में अधिप्लव मार्ग के निर्माण तथा अन्य बांधों के सुधार के लिए किया जायेगा। केन्द्रीय जल संसाधन, नदी विकास तथा गंगा पुनर्जीवन मंत्रालय ने केन्द्रीय जल आयोग के द्वारा 2012 में 6 वर्षीय बाँध पुनर्वास तथा सुधार परियोजना की शुरुआत की थी। इसके लिए विश्व बैंक ने 2100 करोड़ रुपये (437.5 मिलियन डॉलर) जारी किये थे। इस परियोजना का उद्देश्य बांधों की सुरक्षा तथा ऑपरेशनल परफॉरमेंस इत्यादि को मज़बूत बनाना था।

प्रसार भारती ने 11 अन्य दूरदर्शन चैनलों को सैटेलाइट फुटप्रिंट पर लाने का निर्णय लिया

प्रसार भारती ने हाल ही में दूरदर्शन के 11 चैनलों को भारत में सैटेलाइट फुटप्रिंट पर लाने का फैसला किया है, इसकी घोषणा हाल ही में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने की। यह 11 चैनल छत्तीसगढ़, गोवा, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखण्ड, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, त्रिपुरा तथा उत्तराखंड के हैं। राज्यों के यह 11 चैनल राज्य के लोगों की आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं। अब इन चैनलों को देश भर में देखा जा सकेगा। इससे लोगों को क्षेत्र की संस्कृति तथा प्रतिभाओं के बारे में भी जानकारी मिलेगी। प्रसार भारती 23 नवम्बर, 1997 को अस्तिव में आया था। यह वैधानिक स्वायत्त संस्था है, इसकी स्थापना प्रसार भारतीय अधिनियम के तहत की गयी है। प्रसार भारती भारत का लोक सेवा प्रसारक है। डीडी फ्री डिश प्रसार भारती की सेवा है, इसके द्वारा लोग व्यक्तिगत लघु डिश ऐन्टेना के द्वारा टीवी सेवा का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। DTH सेवा के लिए स्थानीय केबल ऑपरेटर की आवश्यकता नहीं होगी।

इथियोपिया क्रैश

इथियोपियन एयरलाइंस का बोइंग 737 मैक्स-8 रविवार सुबह उड़ान भरने के बाद 8600 फीट की ऊंचाई तक पहुंचा और उसके बाद अचानक 441 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से नीचे आकर क्रैश हो गया। इसमें सवार चार भारतीयों समेत 157 लोगों की मौत हो गई। यह विमान बोइंग 737 मैक्स-8 था। पांच महीने में यह दूसरा मौका है, जब बोइंग के इसी मॉडल का विमान क्रैश हुआ है। इससे पहले इंडोनेशियाई कंपनी लॉयन एयर का इसी मॉडल का नया विमान जकार्ता में अक्टूबर 2018 में क्रैश हुआ था। इसमें 189 लोगों की मौत हुई थी। इथियोपिया में हादसे के बाद दुनियाभर में बोइंग 737 के 117 विमानों की उड़ान पर रोक लगा दी गई है।

एपल ने एंटी स्नूपिंग टेक्नोलॉजी का पेटेंट कराया

एपल ‘एंटी स्नूपिंग’ टेक्नोलॉजी डेवलप कर रहा है, जिससे आईफोन में ताक झांक करना किसी के लिए भी नामुमकिन हो जाएगा। यहां तक कि सुरक्षा एजेंसियां भी फोन की लोकेशन का पता नहीं कर सकेंगी। फोन में मौजूद मैसेजों को पढ़ना भी उनके लिए मुश्किल होगा।

बॉक्सिंग / कविंदर को गोल्ड, शिवा थापा सहित चार खिलाड़ियों को सिल्वर मेडल

भारतीय बॉक्सर कविंदर सिंह (56) ने फिनलैंड में खेले गए जीबी इंटरनेशनल टूर्नामेंट में गोल्ड मेडल जीता। वहीं शिवा (60 किग्रा) सहित चार खिलाड़ियों को सिल्वर मेडल मिले। हमें तीन ब्रॉन्ज मेडल भी मिले। कविंदर ने फाइनल में भारत के ही हुसामुद्दीन को हराया। शिवा को फाइनल में मेजबान देश के अर्सलान ने 4-1 से हराया।

डीआरडीओ ने किया पिनाक रॉकेट सिस्टम का परीक्षण

डिफेंस रिसर्च एंड डिफेंस ऑर्गनाइजेशन (डीआरडीओ) ने सोमवार को राजस्थान स्थित पोखरण रेंज में पिनाक मल्टी बैरल रॉकेट सिस्टम का सफल परीक्षण किया। यह हथियार प्रणाली टाट्रा ट्रक पर माउंट की जाती है। इसमें अत्याधुनिक गाइडेंस किट और आधुनिक नेवीगेशन और नियंत्रण प्रणाली है। डीआरडीओ की ओर से जारी बयान में कहा गया कि इस हथियार प्रणाली ने सटीक निशाने लगाए और परीक्षण पूरी तरह सफल रहा। टेलिमैट्री सिस्टम ने उड़ान के पूरे रास्ते में वाहन की मॉनीटरिंग की और मिशन के सारे उद्देश्य पूरे हुए।

आतंकी हमले में गंभीर रूप से घायल जवानों की जान बचाएगी ‘कांबैट ड्रग्स’

जम्मू-कश्मीर की दुर्गम पहाड़ियों से लेकर छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और आंध्र के घने और दुर्गम जंगलों तक में आतंकवादियों और नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में घायल होने वाले जवानों को तत्काल चिकित्सा सुविधा नहीं भी मिलती है तो उनकी जान नहीं जाएगी। भारतीय वैज्ञानिकों ने कुछ ऐसी दवाइयां विकसित की है, जिससे घायल जवानों को अस्पताल पहुंचाए जाने से पहले तक के बेहद नाजुक समय को बढ़ाया जा सकेगा। इसे घायल जवानों की जान बचाने के लिहाज से ‘गोल्डन’ समय कहा जाता है। गंभीर रूप से घायल सुरक्षाकर्मियों में से 90 फीसद कुछ घंटे में ही दम तोड़ देते हैं। वैज्ञानिकों ने अपनी इस खोज को ‘कांबैट कैजुअल्टी ड्रग्स’ नाम दिया है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के मेडिकल लेबोरेटरी ने इन दवाइयों का विकास किया है। इन दवाइयों में घाव से खून के रिसाव को तत्काल रोकने वाली दवा, अवशोषक ड्रेसिंग और ग्लिसरेटेड सैलाइन शामिल हैं।

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