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केंद्रीय बजट 2020-21

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल ही में 2020-21 के लिए बजट प्रस्तुत किया। इस बजट में लोगों की क्रय क्षमता बढाने तथा उनकी आय में वृद्धि करने पर बल दिया गया। इस बजट में प्रौद्योगिकी तथा नवोन्मेष के द्वारा युवाओं में रोज़गार को बढ़ाने के लिए बल दिया गया। केंद्रीय बजट वार्षिक एक वित्तीय रिपोर्ट है, जिसमें सतत विकास और वृद्धि के लिए सरकार द्वारा भविष्य में अपनाई जाने वाली नीतियों को रेखांकित करने के लिए आय और व्यय का आकलन पेश किया जाता है। भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यम ने 31 जनवरी 2020 को आर्थिक सर्वेक्षण 2019-20 जारी किया गया था। अप्रैल से शुरू होने वाले वित्त वर्ष के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि दर 6 से 6.5% के बीच रहने का अनुमान लगाया गया है।

बजट को तीन थीम्स पर प्रस्तुत किया गया

आकांक्षी भारत : स्वास्थ्य, शिक्षा तथा बेहतर नौकरियों के मामले में समाज के सभी तबकों के लिए बेहतर स्तर। इस थीम के तहत कृषि, सिंचाई, ग्रामीण विकास, शिक्षा, जल तथा स्वच्छता पर फोकस किया गया।

आर्थिक विकास : अर्थव्यवस्था में सुधार, निजी सेक्टर के लिए उचित कार्यक्षेत्र उपलब्ध करवाना। इस थीम के अंतर्गत विनिर्माण सेक्टर, उद्योग तथा कौशल विकास पर फोकस किया गया।

केयरिंग सोसाइटी : इसके अंतर्गत पर्यटन, कनेक्टिविटी, कमज़ोर तथा बुजुर्गों पर फोकस किया गया।

बजट 2020 इनकम टैक्स स्लेब

आयअबपहले
5 लाख तक की कमाई कोई टैक्स नहीं कोई टैक्स नहीं
5 से 7.5 लाख 10 प्रतिशत 20 प्रतिशत
7.5 से 10 लाख 15 प्रतिशत 20 प्रतिशत
10 से 12.5 लाख 20 प्रतिशत 30 प्रतिशत
12.5 से 15 लाख 25 प्रतिशत 30 प्रतिशत
15 लाख से ऊपर की आय 30 प्रतिशत 30 प्रतिशत

2024-25 तक मत्‍स्‍य निर्यात को एक लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाना।

2022-23 तक देश में 200 लाख टन मत्‍स्‍य उत्‍पाद का लक्ष्‍य।

3,477 मित्रों और 500 मत्‍स्‍य पालन कृ‍षक संगठनों द्वारा युवाओं को मत्‍स्‍य पालन क्षेत्र से जोड़ना।

शैवालों और समुद्री खरपतवारों की खेती तथा केज कल्‍चर को प्रोत्‍साहित करना

पीएम-कुसुम का विस्‍तार -· योजना के तहत 20 लाख किसानों को सौर ऊर्जा पंप लगाने में मदद। अतिरिक्‍त 15 लाख किसानों को ग्रिड से जुड़े पंप सैटों को सौर ऊर्जा चलित बनाने में मदद करना।

भारतनेट के माध्यम से इस वर्ष 1 लाख ग्राम पंचायतों को फाइबर-टू-द-होम (एफटीटीएच) से जोड़ा जाएगा।

जन औषधि केन्‍द्र योजना के तहत वर्ष 2024 तक सभी जिलों में 2000 दवाओं और 300 शल्‍य चिकित्‍सा की पेशकश की जाएगी।

‘टीबी हारेगा देश जीतेगा’ अभियान शुरू किया गया – वर्ष 2025 तक तपेदिक को समाप्‍त करने की प्रतिबद्धता।

जल जीवन मिशन के लिए 3.60 लाख करोड़ रुपये मंजूर

प्रधानमंत्री जन आरोग्‍य योजना (पीएम जय) के लिए 6400 करोड़ रुपये (69,000 करोड़ रुपये में से) का आवंटन :

दीनदयाल अंत्‍योदय योजना – गरीबी उन्‍मूलन के लिए 58 लाख एसएचजी के साथ 0.5 करोड़ परिवारों को जोड़ा गया।

वित्‍त वर्ष 2020-21 में शिक्षा क्षेत्र के लिए 99,300 करोड़ रुपये और कौशल विकास के लिए 3000 करोड़ रुपये का आवंटन।

नई शिक्षा नीति की घोषणा जल्‍द ही की जाएगी।

पुलिस संबंधी विज्ञान, फॉरेंसिक विज्ञान, साइबर-फॉरेंसिक, इत्‍यादि के क्षेत्र में राष्‍ट्रीय पुलिस विश्‍वविद्यालय और राष्‍ट्रीय फॉरेंसिक विज्ञान विश्‍वविद्यालय की स्‍थापना करने का प्रस्‍ताव किया गया है।

2020-21 में ऊर्जा एवं नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के लिए 22000 करोड़ रुपये का प्रस्ताव।

राष्ट्रीय गैस-ग्रिड को वर्तमान के 16200 किलोमीटर से 27000 किलोमीटर के विस्तार का प्रस्ताव।

उड़ान योजना के तहत 100 और हवाई अड्डों को 2024 तक पुनर्विकसित किया जाएगा।

इसी अवधि के दौरान हवाई जहाजों की संख्या वर्तमान के 600 से 1200 हो जाने की उम्मीद।

अधिक कार्यदक्ष पत्तनों के लिए वैश्विक मानदंडों के अनुरूप सरकार की नीतिगत रूपरेखा।

प्रधानमंत्री के अर्थ गंगा संकल्पना के अनुरूप नदी के तटों पर आर्थिक गतिविधियों को तेज किया जाएगा।

रेल पटरियां के किनारे सौर ऊर्जा की उच्च क्षमता स्थापित की जाएगी।

4 स्टेशनों की पुनर्विकास परियोजनाएं और पीपीपी के माध्यम से 150 यात्री ट्रेनों का संचालन।

आईकॉनिक पर्यटन गंतव्य को जोड़ने के लिए तेजस जैसी ट्रेने।

मुम्बई और अहमदाबाद के बीच हाईस्पीड ट्रेन पर सक्रियता से काम।

148 किलोमीटर लम्बी बेंगलुरु उप-नगरीय परिवहन परियोजना के लिए 18,600 करोड़ रुपये, मेट्रो प्रारूप के अनुसार किराया तय किया जाएगा। केन्द्र सरकार 20 प्रतिशत का लागत वहन करेगी और परियोजना लागत का 60 प्रतिशत बाहरी सहायता से उपलब्ध कराने की सुविधा देगी।

2020-21 में भारतनेट कार्यक्रम के लिए 6000 करोड़ रुपये का प्रस्ताव।

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे और दो अन्य पैकेज 2023 तक पूरे हो जाएगे।

चेन्नई-बेंगलुरु एक्सप्रेस-वे की शुरूआत होगी।

6000 किलोमीटर से अधिक की लम्बाई वाले 12 राजमार्ग समूहों के मुद्रीकरण का प्रस्ताव।

31 दिसंबर, 2019 को 103 लाख करोड़ रुपये मूल्य की परियोजनाएं लांच की गई।

विकास के चरण और आकार के आधार पर 6500 से अधिक परियोजनाओं का वर्गीकरण किया जाएगा।

नए और उभरते क्षेत्रों समेत विभिन्न प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में ज्ञान अनुवाद क्लस्टर स्थापित किए जाएंगे।

अवधारणा के साक्ष्य की डिजाइनिंग, इनके निर्माण और वैधीकरण के लिए और इन टेस्ट बेड्स को संपोषित करते हुए प्रौद्योगिकी कलस्टरों का स्तर आगे बढ़ाने के लिए छोटे पैमाने पर विनिर्माण कार्य सुविधा केन्द्रों की स्थापना की जाएगी।

स्टार्टअप्स के पहले चरण के उद्भावन और विकास को बढ़ावा देने के लिए सीड फंड सहित प्रारम्भिक निधि पोषण प्रदान करने का भी प्रस्ताव है।

पर्यटन संवर्द्धन के लिए वर्ष 2020-21 हेतु 2,500 करोड़ रुपये का आवंटन।

वर्ष 2020-21 के लिए संस्कृति मंत्रालय हेतु 3,150 करोड़ रुपये का प्रस्ताव दिया गया।

संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत भारतीय धरोहर और संरक्षण संस्थान स्थापित करने का प्रस्ताव किया गया। इसे प्रारंभ में मानद विश्वविद्यालय का दर्जा भी प्राप्त होगा।

प्रधानमंत्री द्वारा जनवरी 2020 में कोलकाता के भारतीय संग्रहालय के पुनरूद्धार की घोषणा की गई।

अहमदाबाद के निकट हड़प्पा युग के नौवहन स्थल – लोथल में पोत परिवहन मंत्रालय द्वारा एक पोत संग्रहालय की स्थापना की जाएगी।

राज्य सरकारों के द्वारा कुछ चिन्हित स्थानों के लिए एक योजना तैयार किए जाने की उम्मीद है। 2021 के दौरान वित्तीय योजना तैयार की जाएगी, जिसके तहत 2020-21 में राज्यों को विशिष्ट अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा।

वर्ष 2020-21 के लिए इस उद्देश्य हेतु 4,400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया।

अत्यधिक मात्रा में कार्बन उत्सर्जन करने वाले विद्युत संयंत्रों के लिए निर्धारित मानकों के अनुरूप उन्हें चलाने और उनके लिए खाली भूमि का वैकल्पिक उपयोग करने का प्रावधान।

10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले बड़े नगरों में स्वच्छ हवा सुनिश्चित करने के लिए राज्यों के द्वारा बनाई जा रही योजनाओं को कार्यान्वित करते हुए प्रोत्साहन दिया जाएगा।

अत्याधुनिक डाटा संग्रहण, समेकित सूचना पोर्टल और समय से सूचना के प्रसार की दिशा में एक कार्य योजना।

भारत में 2022 में आयोजित होने वाले जी-20 की अध्यक्षता के लिए तैयारियां शुरू करने हेतु कुल 100 करोड़ रुपये आवंटित।

पूर्वोत्तर क्षेत्र का विकासः

केन्द्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख का विकासः

वित्त वर्ष 2020-21 के लिए 30,757 करोड़ रुपये का प्रावधान।

केन्द्र शासित प्रदेश लद्दाख के लिए 5958 करोड़ रुपये का प्रावधान।

10 बैंकों को 4 बैंकों में परिणत किया गया।

3,50,000 करोड़ रुपये की पूंजी दी गई।

जमा बीमा तथा क्रेडिट गारंटी निगम (डीआईसीडीसी) ने जमा बीमा दायरे को प्रति जमाकर्ता 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने की अनुमति दी।

एक्सिम बैंक और सिडबी द्वारा 1000 करोड़ रुपये की योजना तैयार की गई।

प्रौद्योगिकी उन्नयन, अनुसंधान एवं विकास, कारोबार की कार्यनीति आदि के लिए सहायता।

कारपोरेट बांडों में एफपीआई की सीमा को 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत किया गया।

103 लाख करोड़ रुपये की राष्ट्रीय अवसंरचना पाइप लाइन परियोजना की घोषणा की गई।

आईआईएफसीएल तथा एनआईआईएफ जैसी अवसंरचना वित्त कंपनियों की सहायता के लिए 22000 करोड़ रुपये जुटाए जाएंगे।

मौजूदा छूट और कटौतियों (100 से अधिक) में से लगभग 70 को नये सरलीकृत प्रणाली में हटा दिया जाएगा।

15 प्रतिशत कर दर नई बिजली उत्‍पादन कंपनियों को प्रदान किया जायेगा।

100 करोड़ रुपये तक के कुल कारोबार वाले स्‍टार्ट अप को 10 वर्षों में से लगातार तीन आकलंन वर्ष के लिए 100% छूट का लाभ

कम नकदी वाली आर्थव्‍यवस्‍था को बढ़ावा देने के लिए कुल कारोबार की उच्‍चतम सीमा में पांच गुना वृद्धि करके मौजूदा 1 करोड़ रुपये से 5 करोड़ रुपये करने का प्रस्‍ताव।

प्राथमिताओं वाले क्षेत्र में विदेशी सरकारों के सॉवरिन धन कोष द्वारा निवेश को प्रोत्‍साहित करने के लिए उनके द्वारा 31 मार्च 2024 से पहले और न्‍यूनतम तीन वर्षों की लॉक-इन अवधि के साथ अवसंरचना और अन्‍य अधिसूचित क्षेत्रों में किए गए निवेश के संबंध में उनके ब्‍याज, लाभांश और पूंजीगत लाभों को 100% छूट देने का प्रस्‍ताव।

सस्‍ते मकान की खरीद हेतु लिए गए ऋणों को देय ब्‍याज में 1.5 लाख रुपये तक अतिरिक्‍त छूट को 31 मार्च 2021 तक बढ़ा दिया गया है।

31 मार्च 2021 तक अनुमोदिन सस्‍ते मकान की परियोजना के विकासकर्ता द्वारा अर्जित लाभों पर टैक्‍स हॉलिडे का प्रावधान।

प्रत्‍यक्ष कर से संबधित मुकदमेबाजी को कम करने के लिए 30 जून 2020 की समय सीमा के साथ ‘विवाद से विश्‍वास’ योजना।

ब्‍याज और जुर्माने में छूट- केवल 31 मार्च 2020 तक भुगतान के लिए विवाद कर का भुगतान।

31 मार्च 2020 के बाद लाभ लेने पर अतिरिक्‍त रकम का भुगतान।

1 अप्रैल 2020 से परीक्षण के तौर पर सरलीकृत विवरणी का क्रियान्‍वयन किया जाएगा। इस विवरणी को फाइल करना आसान बनाया जाएगा। इसकी विशेषताओं में शून्‍य विवरणी के लिए एसएमएस आधारित फाइलिंग, विवरणी पूर्व फाइलिंग उन्‍नत इनपुट कर क्रेडिट प्रवाह और समग्र सरलीकरण संग्रह।

उल्‍टे कर ढांचे से निपटने के लिए जीएसटी दर ढांचे को युक्तिसंगत बनाया जाएगा।

सीमा शुल्‍क को फुटवियर पर 25% से बढ़ाकर 35% करने और फर्निचर वस्‍तुओं पर 20% से बढ़ाकर 25% करने का प्रावधान।

न्‍यूज प्रिंट और हल्‍के कोटेड पेपर के आयात पर बुनियादी आयात शुल्‍क को 10% से घटाकर 5% किया गया।

चिकित्‍सा उपकरणों के आयात पर 5% स्‍वास्‍थ्‍य उपकर जो बीसीडी से छूट से अतिरिक्‍त होगा।

वस्‍तुओं की डंपिंग को रोकने और सब्सिडीयुक्‍त वस्‍तुओं के आयात पर लगाम लगाने के लिए प्रावधानों को सुदृढ़ किया जाएगा।

क्राउड सोर्सिंग के लिए सीमा शुल्‍क से छूट की समीक्षा का सुझाव।

कपड़ा क्षेत्र को लाभ देने के लिए पीटीए पर डंपिंगरोधी शुल्‍क खत्‍म।

डिजिटल गवर्नेंस के जरिए सेवाओं की निर्बाद डिलिवरी।

नेशनल इंफ्रास्‍ट्रचर पाइपलाइन के जरिए जीवन की गुणवत्‍ता में सुधार।

आपदारोधी के जरिए जोखिम को दूर करना।

पेंशन एवं बीमा में विस्‍तार के जरिए सामाजिक सुरक्षा।

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