Ask Question | login | Register
Notes
Question
Quiz
Tricks
Facts

नोबेल पुरस्कार 2019

नोबेल पुरस्कार 2019 की घोषणा शुरू हो गई है। इस पुरस्कार की शुरुआत स्वीडन के एल्फ्रेड नोबेल के नाम पर 1895 में की गई थी। उन्होंने डायनामाइट का आविष्कार किया था। हर साल चिकित्सा, भौतिकी, रसायन, साहित्य, शांति और अर्थशास्त्र के क्षेत्र में अहम योगदान के लिए दुनिया के सर्वोच्च सम्मान नोबेल पुरस्कार दिए जाते हैं। केवल जीवित लोगों को ही नोबेल पुरस्कार दिया जा सकता है। सबसे ज्यादा नोबेल पुरस्कार पाने वाले देशों में अमेरिका पहले नंबर पर है। दूसरे स्थान पर है जर्मनी। इसके बाद ब्रिटेन और फ्रांस का नंबर आता है। साल 2014 में नोबेल पाने वाली मलाला युसूफजई इस पुरस्कार की अब तक की सबसे युवा विजेता हैं।

वर्ष 2019 के विभिन्न क्षेत्रों में दिए गए नोबेल पुरस्कार

चिकित्सा के क्षेत्र में संयुक्त रूप से तीन वैज्ञानिकों को मिला सम्मान

चिकित्सा के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार

इस बार तीन वैज्ञानिकों को संयुक्त रूप से चिकित्सा/फिजियोलॉजी के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया है, यह विजेता वैज्ञानिक हैं विलियम जी. केलिन, पीटर जे. रैटक्लिफ तथा ग्रेग एल. सेमेंज़ा। विलियम जी. केलिन तथा ग्रेग एल. सेमेंज़ाअमेरिकी हैं, जबकि पीटर जे. रैटक्लिफ ब्रिटिश वैज्ञानिक हैं। इन तीनों वैज्ञानिकों को कोशिका पर किये गये खोज कार्य के लिए यह पुरस्कार दिया जा रहा है। इस खोज से यह ज्ञात होता है कि कोशिकाएं किस प्रकार अनुभव करती हैं तथा ऑक्सीजन की उपलब्धता के मुताबिक रूपांतरित होती हैं।

तीन वैज्ञानिकों को भौतिकी के लिए 2019 का नोबेल पुरस्‍कार

भौतिकी के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार

भौतिकी के लिए 2019 के नोबेल पुरस्‍कार की घोषणा कर दी गई है। यह तीन वैज्ञानिकों- जेम्‍स पीबल्स, माइकल मेयर और दिदिअर क्वैलोज को दिया जायेगा। इन्‍हें यह पुरस्‍कार सृष्टि के विकास और ब्रह्रमांड में पृथ्‍वी के स्‍थान के बारे में जानकारी हासिल करने में उल्‍लेखनीय योगदान के लिए दिया जायेगा। पुरस्‍कार की आधी राशि जेम्‍स पीबल्स को भौतिक ब्रहमांड विज्ञान में सैद्धांतिक आविष्‍कारों के लिए दिया जायेगा। शेष आधी राशि संयुक्‍त रूप से माइकल मेयर और दिदिअर क्वैलोज को सौर-प्रकार के तारे की परिक्रमा करने वाले एक एक्सोप्लेनेट की खोज के लिए दिया जायेगी। इन वैज्ञानिकों को यह पुरस्‍कार 10 दिसंबर को स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम में एक समारोह में दिया जायेगा।

रसायन विज्ञान के लिए 2019 का नोबल पुरस्‍कार तीन वैज्ञानिकों को संयुक्‍त रूप से

रसायनशास्‍त्र के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार

वर्ष 2019 के लिए रसायनशास्‍त्र में नोबेल पुरस्‍कार की घोषणा कर दी गयी है। लिथियम आयन बैटरी के विकास के लिए तीन वैज्ञानिकों को संयुक्‍त रूप से यह प्रतिष्ठित पुरस्‍कार दिया जायेगा। ये वैज्ञानिक हैं- अमरीका के जॉन गुडएनफ तथा स्‍टैनले व्‍हीटिंघम और जापान के अकिरा योशिनो। इसकी घोषणा स्‍टॉकहोम में रॉयाल स्‍वेडिश साइंस अकादमी ने की। जॉन गुडएनफ नोबेल पुरस्‍कार पाने वाले अब तक के सबसे उम्र दराज व्‍यक्ति हैं।

साहित्‍य में 2018 का नोबेल पुरस्‍कार पोलैंड की लेखिका ओल्‍गा तोकारतुक को और 2019 के लिए ऑस्ट्रिया के लेखक पीटर हैंडके को

साहित्‍य के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार

साहित्‍य के लिए 2019 के नोबेल पुरस्कार की घोषणा के साथ साथ वर्ष-2018 के साहित्‍य के नोबेल पुरस्‍कार की भी घोषणा कर दी गई है। 2018 का साहित्‍य का नोबेल पुरस्‍कार पौलेंड की लेखिका ओल्गा तोकार्सज़ुक Olga Tokarczuk को दिया जाएगा जबकि 2019 के लिए ऑस्ट्रिया के लेखक पीटर हैंडके Peter Handke को चुना गया है। 2018 का साहित्‍य का नोबेल पुरस्‍कार यौन उत्‍पीड़न के एक मामले की वजह से घोषित नहीं किया जा सका था और इसकी घोषणा 2019 के पुरस्‍कार के साथ की गई है।

इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबीय अहमद को 2019 का नोबेल शांति पुरस्‍कार

शांति के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार

इथियोपिया के प्रधान मंत्री अबीय अहमद को इस वर्ष का नोबल शांति पुरस्‍कार दिया जाएगा। इरीट्रिया के साथ संबंध सुधारने के उनके शांति प्रयासों के लिए उन्‍हें इस पुरस्‍कार के लिए चुना गया है। नॉर्वे की राजधानी ओस्‍लो में 10 दिसम्‍बर को उन्‍हें इस पुरस्‍कार से सम्‍मानित किया जाएगा। वर्षों की लड़ाई के बाद जुलाई 2018 में दोनों देशों के बीच संबंध बहाल हुए थे। नोबल समिति ने अबीय अहमद को दूरदर्शी और सुधारक बताते हुए उनकी सराहना की है।

अर्थशास्‍त्र का नोबेल पुरस्‍कार भारतीय मूल के अमरीकी नागरिक अभिजीत बैनर्जी और उनकी पत्‍नी एस्‍थर ड्यूफ्लो तथा माइकल क्रेमर को संयुक्‍त रूप से

अर्थशास्‍त्र के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार

इस साल का अर्थशास्‍त्र का नोबेल पुरस्‍कार भारतीय मूल के अमरीकी नागरिक अभिजीत बैनर्जी और उनकी पत्‍नी एस्‍थर ड्यूफ्लो तथा माइकल क्रेमर को संयुक्‍त रूप से देने की घोषणा की गई है। यह पुरस्‍कार उन्‍हें दुनिया से गरीबी दूर करने के बारे में उनके प्रयोगात्‍मक दृष्टिकोण पर काम के लिए दिया जा रहा है। अट्ठावन साल के अभिजीत बैनर्जी की शिक्षा भारत में कलकत्‍ता विश्‍वविद्यालय और दिल्‍ली के जवाहरलाल नेहरू विश्‍वविद्यालय में हुई। इसके बाद उन्‍होंने हॉरवर्ड विश्‍वविद्यालय से वर्ष 1988 में पी एच डी की डिग्री हासिल की। इस समय वे फोर्ड फाउंडेशन के मैसाचुसेट्स इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्‍नॉलोजी में अर्थशास्‍त्र के इंटरनेशनल प्रोफेसर हैं। वर्ष 2003 में अभिजीत बैनर्जी ने अपनी पत्‍नी ड्यूफ्लो और सेंथिल मुल्‍लईनाथन के साथ मिलकर अब्‍दुल लतीफ जमील पॉवर्टी एक्‍शन लैब की स्‍थापना की और इस समय वे इसके निदेशकों में से एक हैं। अभिजीत बैनर्जी ने 2015 के बाद के विकास एजेंडा पर संयुक्‍त राष्‍ट्र महासचिव के उच्‍च-स्‍तरीय पैनल में विशेषज्ञ के तौर पर भी काम किया है।

नोबेल पुरस्‍कार 2019 Trick

« Previous Next Chapter »

Notes

Notes on many subjects with example and facts.

Notes

Current Affairs

Here you can find current affairs, daily updates of educational news and notification about upcoming posts.

Check This

Share

Join

Join a family of Rajasthangyan on


Contact Us Contribute About Write Us Privacy Policy About Copyright

© 2020 RajasthanGyan All Rights Reserved.